शेखपुरा: भूमि विवाद पर एडीएम सख्त
बिहार: भूमि विवाद और बड़े बकायेदारों पर शेखपुरा अपर समाहर्ता सख्त; बॉडी वारंट निष्पादन के दिए कड़े निर्देश
रिपोर्ट: उमेश कुमार (संवाददाता)
शेखपुरा जिले में कानून-व्यवस्था, राजस्व संग्रह, भूमि विवाद और शराबबंदी को लेकर बुधवार को समाहरणालय स्थित मंथन सभागार में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता अपर समाहर्ता (ADM) श्री लखींद्र पासवान ने की।
बैठक के दौरान नीलामपत्रवाद (Certificate Cases), भूमि विवाद, मद्य निषेध और अवैध खनन विभाग से जुड़े संवेदनशील मामलों की बिंदुवार गहन समीक्षा की गई तथा लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
बैठक के मुख्य बिंदु और कड़े दिशा-निर्देश
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नीलामपत्रवाद और बॉडी वारंट का निष्पादन: अपर समाहर्ता ने सरकारी राजस्व को नुकसान पहुँचाने वाले बड़े बकायेदारों के खिलाफ बेहद सख्त रुख अपनाया। उन्होंने सभी थानाध्यक्षों को चिन्हित बड़े बकायेदारों के विरुद्ध त्वरित कानूनी कार्रवाई करते हुए प्राथमिकता के आधार पर ‘बॉडी वारंट’ निष्पादित करने के निर्देश दिए।
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भूमि विवादों का समन्वय से निपटारा: जिले में भूमि विवाद के संवेदनशील मामलों पर चर्चा करते हुए अंचलाधिकारियों (CO) और पुलिस अधिकारियों को आपस में बेहतर समन्वय बनाकर त्वरित निष्पादन के निर्देश दिए गए।
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अवैध खनन पर सघन जांच अभियान: अवैध खनन और बालू/गिट्टी के अवैध परिवहन पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए खनन विभाग को जिलेभर में सघन तलाशी अभियान चलाने का आदेश जारी किया गया।
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मद्य निषेध और छापेमारी: मद्य निषेध विभाग को जिले के चिन्हित और संवेदनशील इलाकों में लगातार छापेमारी करने के निर्देश दिए गए, ताकि अवैध शराब के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।
प्रशासनिक अधिकारियों को अंतिम हिदायत
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO), जिला खनन अधिकारी, जिले के सभी अंचलाधिकारी और थानाध्यक्ष मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
बैठक के समापन पर अपर समाहर्ता श्री लखींद्र पासवान ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि दिए गए सरकारी निर्देशों के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता, ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीनियर एडिटर गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

