नशे के खिलाफ पंजाब में बीजेपी की यात्रा
‘रंगला पंजाब’ का दावा और नशे की कड़वी हकीकत: आप सरकार के खिलाफ बीजेपी का शंखनाद
विशेष रिपोर्ट:दीपक
चंडीगढ़: सत्ता में आने से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) ने पंजाब की जनता से ‘रंगला पंजाब’ बनाने और महज तीन महीनों के भीतर राज्य को नशा-मुक्त करने का बड़ा वादा किया था। लेकिन आज हकीकत इसके बिल्कुल उलट नजर आ रही है। राज्य के सीमावर्ती इलाकों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक सिंथेटिक ड्रग्स और नशे का नेटवर्क लगातार युवाओं को अपनी चपेट में ले रहा है, जिससे अनगिनत परिवार पूरी तरह तबाह हो रहे हैं।
सरकार की इसी वादाखिलाफी और नाकामी का हिसाब मांगने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने भगवंत मान सरकार के खिलाफ राज्यव्यापी मोर्चा खोल दिया है।
18 से 30 सितंबर: ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ का पूरा रूट चार्ट
बीजेपी राज्य के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों और 4,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करने वाली चार चरणों की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ आयोजित कर रही है:
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18 सितंबर (पठानकोट से शुरुआत): बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पठानकोट स्थित ‘एकता स्थल’ (माधोपुर) से इस यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
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चार अलग-अलग चरण: पहली यात्रा पठानकोट से, दूसरी फतेहगढ़ साहिब से (19 सितंबर), तीसरी फाजिल्का के सादकी बॉर्डर से (20 सितंबर) और चौथी तलवंडी साबो (बठिंडा) से (21 सितंबर) शुरू होगी।
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30 सितंबर (जालंधर महारैली): चारों यात्राएं राज्य भर में जनसंपर्क करते हुए 30 सितंबर को जालंधर पहुंचेंगी, जहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में एक विशाल जनसभा आयोजित होगी।
“जवाब दो भगवंत मान”: बीजेपी का तीखा हमला
यात्रा के दौरान भाजपा नेता और कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर जाकर पीड़ित परिवारों की समस्याएं सुनेंगे और आप सरकार से सीधे सवाल पूछेंगे:
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चुनावी वादों की विफलता: तीन महीने में नशा खत्म करने का वादा करने वाली सरकार आज हर गांव-कस्बे में आसानी से मिल रहे नशे पर रोक लगाने में नाकाम रही है।
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संगठित ड्रग नेटवर्क पर ढिलाई: केवल नशा करने वालों पर एफआईआर दर्ज करने के बजाय सप्लाई चेन और मुख्य ड्रग माफियाओं को पकड़ने में प्रशासनिक इच्छाशक्ति की कमी साफ दिखती है।
‘ऑल राइट्स मैगजीन’ मानती है कि नशा पंजाब की जवानी और अर्थव्यवस्था दोनों को घुन की तरह खा रहा है। इस संवेदनशील मुद्दे पर केवल राजनीतिक बयानबाजी के बजाय सख्त प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जरूरत है।
