विमल एड विवाद: SRK, अजय और टाइगर ने दिया FDA का जवाब
“विमल इलायची विज्ञापन विवाद: शाहरुख, अजय और टाइगर ने महाराष्ट्र FDA के नोटिस का दिया जवाब; 2 अभिनेताओं की सुनवाई पूरी”
मुंबई: ‘विमल इलायची’ के सरोगेट (अप्रत्यक्ष) विज्ञापन को लेकर कानूनी शिकंजे में फंसे बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ ने महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस का अपना आधिकारिक जवाब दाखिल कर दिया है।
महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि तीनों अभिनेताओं की ओर से लिखित जवाब प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने जानकारी दी कि इनमें से दो अभिनेताओं ने व्यक्तिगत या कानूनी प्रतिनिधि के माध्यम से सुनवाई (Hearing) का अनुरोध किया था, जिनकी सुनवाई की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब विभाग इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रहा है।
क्या है पूरा मामला?
महाराष्ट्र में गुटखा और पान मसाला के निर्माण, भंडारण, बिक्री और विज्ञापन पर कड़ा प्रतिबंध लागू है। इसके बावजूद अगस्त 2026 में महाराष्ट्र FDA ने तीनों अभिनेताओं को नोटिस जारी किया था।
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सरोगेट एड (Surrogate Advertising) का आरोप: FDA का तर्क है कि ‘विमल इलायची’ के नाम पर किया जा रहा विज्ञापन असल में प्रतिबंधित ‘विमल पान मसाला’ ब्रांड को बढ़ावा देने का एक जरिया है, जो उपभोक्ताओं को गुमराह करता है।
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फूड सेफ्टी एक्ट का उल्लंघन: खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSS Act, 2006) की धारा 24 और 53 के तहत भ्रामक विज्ञापनों में शामिल होने या उनका प्रचार करने पर भारी जुर्माना (₹10 लाख तक) और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
कमिश्नर तुकाराम मुंढे का सख्त रुख
एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने स्पष्ट किया कि कानून की नजर में सभी बराबर हैं:
“वे आपके लिए सितारे हो सकते हैं, लेकिन हमारे लिए वे इस मामले में केवल विज्ञापनदाता और कानून का उल्लंघन करने वाले हैं। किसी भी उत्पाद का प्रचार करने से पहले एंडोर्सर्स (ब्रांड एंबेसडर) की यह नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी होती है कि वे उसका उचित सत्यापन (Due Diligence) करें।”
विभाग ने तीनों अभिनेताओं को पहले ही इस अभियान से हटने, अपने सोशल मीडिया खातों से संबंधित पोस्ट हटाने और अनुबंध (Contracts) एवं भुगतान के ब्योरे सौंपने का निर्देश दिया था।
सुनवाई पूरी होने के बाद अब महाराष्ट्र FDA इस बात का फैसला करेगा कि अभिनेताओं के खिलाफ आगे जुर्माना या अन्य कानूनी दंडात्मक कार्रवाई की जाए या नहीं।
‘ऑल राइट्स मैगजीन’ जनस्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा और बॉलीवुड से जुड़ी इस बड़ी कानूनी प्रक्रिया पर अपनी नजर बनाए हुए है।
