ई-चालान बकायेदारों पर SC सख्त: गाड़ियां होंगी जब्त, RC-DL सेवाएं ब्लॉक
“ई-चालान न भरने वालों पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा चाबुक: पेंडिंग चालान पर जब्त होंगी गाड़ियां, RC-DL और परिवहन पोर्टल सेवाएं होंगी ब्लॉक”
नई दिल्ली: यदि आपके वाहन का भी कोई ट्रैफिक ई-चालान लंबे समय से बकाया है और आप उसे नजरअंदाज कर रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) ने देशभर में करोड़ों रुपये के लंबित पड़े ई-चालान (E-Challan) की वसूली को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की पीठ ने सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को कड़े निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि केवल चालान काट देना ही काफी नहीं है, अब जमीन पर उतरकर बकायेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी होगी।
कोर्ट ने आदेश दिया है कि जिन वाहनों पर ई-चालान पेंडिंग हैं, उन्हें सड़कों पर चेकिंग के दौरान तुरंत जब्त किया जाए तथा उनकी सभी ऑनलाइन परिवहन सेवाओं और दस्तावेजी प्रक्रियाओं पर तुरंत रोक लगाई जाए।
सुप्रीम कोर्ट के 5 बड़े और कड़े निर्देश
-
सड़क पर तुरंत गाड़ी जब्ती (Vehicle Seizure): सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सड़कों पर रैंडम चेकिंग बढ़ाई जाए। यदि किसी वाहन पर पुराना ई-चालान बकाया पाया जाता है, तो उस गाड़ी को मौके पर ही जब्त कर लिया जाए।
-
RC रिन्यूअल और ऑनलाइन सेवाएं फ्रीज: जब तक बकाया जुर्माना पूरी तरह जमा नहीं होता, तब तक वाहन के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) का रिन्यूअल, डुप्लीकेट आरसी जारी करने और एड्रेस चेंज जैसी ऑनलाइन सेवाओं पर पूरी तरह रोक रहेगी।
-
‘परिवहन पोर्टल’ पर ब्लैकलिस्टिंग: पेंडिंग चालान वाले वाहनों को केंद्रीय ‘परिवहन पोर्टल’ (Parivahan Portal) पर तुरंत ब्लैकलिस्ट किया जाएगा ताकि कोई भी वाहन मालिक बकाये का भुगतान किए बिना अपनी गाड़ी बेच न सके और ओनरशिप ट्रांसफर (Ownership Transfer) रुक जाए।
-
DL सस्पेंशन और PUC पर शिकंजा: बार-बार यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले ड्राइवरों का ड्राइविंग लाइसेंस (DL) सस्पेंड किया जाएगा और उनका DL रिन्यू नहीं होगा। इसके साथ ही, बकाया चालान वाली गाड़ियों का पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट भी जारी नहीं किया जाएगा।
-
फिटनेस सर्टिफिकेट पर रोक: वाणिज्यिक व अन्य वाहनों के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट (Fitness Certificate) तब तक जारी नहीं किया जाएगा जब तक कि सभी लंबित ई-चालान क्लियर नहीं हो जाते।
देशभर में 49 हजार करोड़ से अधिक का जुर्माना पेंडिंग
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने भारी-भरकम राशि के पेंडिंग चालान पर गहरी चिंता व्यक्त की:
-
करोड़ों का बकाया: एमिकस क्यूरी की रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में ई-चालान के जरिए कुल ₹49,194 करोड़ का जुर्माना वसूला जाना था, जिसमें से अब तक केवल ₹26,175 करोड़ की ही वसूली हो पाई है।
-
14 साल पुरानी याचिका पर सुनवाई: कोर्ट 2012 की एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा था। पीठ ने दोटूक चेतावनी दी कि यदि मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों को केवल कागजों तक सीमित रखा गया, तो अदालत अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाएगी।
‘ऑल राइट्स मैगजीन’ अपने सभी पाठकों व वाहन चालकों से अपील करती है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और किसी भी असुविधा व गाड़ी जब्ती से बचने के लिए अपने पेंडिंग ई-चालान का भुगतान समय पर सुनिश्चित करें।
मिजोरम: कार खाई में गिरने से दूरदर्शन डायरेक्टर व PIB ADG समेत 3 की मौत
