सत्य निकेतन: ‘अवैध PG को राजनीतिक संरक्षण’
सत्य निकेतन हादसा: स्थानीय लोगों का आरोप—’BJP विधायक अनिल शर्मा के भाई के संरक्षण में चल रहे अवैध PG’
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के प्रमुख छात्र क्षेत्र सत्य निकेतन में हुए निर्माण हादसे के बाद प्रशासनिक लापरवाही और अवैध निर्माणों को लेकर स्थानीय निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा है। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के स्थानीय विधायक अनिल शर्मा के भाई के कथित संरक्षण में 20 से 25 अवैध पीजी (PG) संचालित किए जा रहे हैं। इस खुलासे के बाद दिल्ली की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
हादसे के बाद फूटा जनआक्रोश: लगाए गंभीर आरोप सत्य निकेतन क्षेत्र में छात्रों और युवाओं के रहने के लिए बड़ी संख्या में पेइंग गेस्ट (PG) हॉस्टल बनाए गए हैं। हालिया हादसे के बाद स्थानीय निवासियों ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर तीखे सवाल उठाए हैं:
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संरक्षण में अवैध निर्माण: निवासियों का आरोप है कि नगर निगम (MCD) और स्थानीय पुलिस की नाक के नीचे बिना स्वीकृत नक्शों और बीआईएस (BIS) मानकों के उल्लंघन के साथ दर्जनों अवैध पीजी धड़ल्ले से चलाए जा रहे हैं।
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राजनीतिक शह का आरोप: प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में चल रहे 20-25 अवैध पीजी को बीजेपी विधायक अनिल शर्मा के भाई का सीधा राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते शिकायतें करने के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाती।
सुरक्षा मानकों से खिलवाड़ और एमसीडी पर उठते सवाल दक्षिण दिल्ली के इस व्यस्ततम इलाके में हुए हादसे ने दिल्ली नगर निगम और फायर डिपार्टमेंट की एनओसी (NOC) प्रक्रियाओं पर एक बार फिर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है:
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छात्रों की सुरक्षा पर संकट: दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के साउथ कैंपस के पास स्थित होने के कारण सत्य निकेतन में हजारों छात्र रहते हैं। मानक विहीन इमारतों में क्षमता से अधिक छात्रों को रखा जाता है, जिससे हर समय किसी बड़ी अनहोनी की आशंका बनी रहती है।
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निष्पक्ष जांच की मांग: हादसे के बाद स्थानीय नागरिकों और विपक्षी नेताओं ने मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने के साथ-साथ दोषी पाए जाने वाले रसूखदारों और प्रशासनिक अधिकारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
विधायक अनिल शर्मा अथवा उनके पक्ष की ओर से इन आरोपों पर अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया आना बाकी है, वहीं पुलिस और प्रशासन ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

