सत्य निकेतन: 6 की मौत, जांच के आदेश
सत्य निकेतन हादसा: ‘80% मलबा साफ, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई’—दिल्ली की नई मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लिया जायजा
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए दर्दनाक इमारत हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य अंतिम चरण में पहुँच गया है। दिल्ली की नई मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने घटनास्थल और अस्पताल का दौरा कर स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुर्घटना की उच्चस्तरीय जांच जारी है और खराब स्थिति वाली सभी इमारतों की स्ट्रक्चरल ऑडिट कराकर दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
80 प्रतिशत मलबा हटाया गया, 6 की मौत व 6 घायल मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हादसे में हुए नुकसान और जारी रेस्क्यू ऑपरेशन का विस्तृत ब्योरा साझा किया:
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राहत कार्य की स्थिति: “घटनास्थल से लगभग 80% मलबा हटाया जा चुका है। बेसमेंट में पानी भरा हुआ था और पुरानी इमारत में चल रहे मरम्मत कार्य के दौरान पानी जमा होने के कारण यह ढांचा अचानक गिर गया।”
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हताहतों का विवरण: “अब तक कुल 12 लोगों को मलबे से निकाला गया है, जिनमें से दुर्भाग्यवश 6 लोगों की मौत हो चुकी है। बाकी 6 घायलों की हालत स्थिर है। हम पीड़ितों के अभिभावकों के लगातार संपर्क में हैं और उन्हें हर संभव सहायता दी जा रही है। बच्चों का समुचित इलाज सुनिश्चित किया जा रहा है।”
केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री की सीधी निगरानी इस दर्दनाक हादसे के बाद केंद्र सरकार भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है:
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प्रशासनिक समन्वय: मुख्यमंत्री ने बताया कि यह पूरा मामला केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा की सीधी निगरानी में है। इसके साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री भी हालात पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लगातार मार्गदर्शन मिल रहा है।
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संवेदनशीलता और मदद: प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि पीड़ित परिवारों को इस कठिन समय में किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
‘खराब इमारतों की होगी स्ट्रक्चरल जांच, नहीं बख्शे जाएंगे दोषी’ भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए दिल्ली सरकार ने कड़े कदम उठाने का निर्देश दिया है:
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स्ट्रक्चरल ऑडिट के आदेश: दिल्ली के सभी क्षेत्रों में जर्जर और जोखिमभरी इमारतों की पहचान कर उनकी तकनीकी जांच (Structural Inspection) कराई जाएगी।
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जवाबदेही तय: अवैध निर्माण या सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले मकान मालिकों, ठेकेदारों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

