STF ने कंपनी के 2 डायरेक्टरों को किया गिरफ्तार
“परीक्षा धांधली पर एसटीएफ का बड़ा प्रहार”: SSC ऑनलाइन परीक्षा में सॉल्वर गैंग को शह देने वाले कंपनी के 2 डायरेक्टर गिरफ्तार
ग्रेटर नोएडा/लखनऊ: उत्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता भंग करने वाले माफियाओं और उनके मददगारों के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। कर्मचारी चयन आयोग (SSC) द्वारा आयोजित ‘कांस्टेबल (GD) और असम राइफल में राइफलमैन परीक्षा-2026’ की ऑनलाइन परीक्षा में प्रॉक्सी सर्वर लगाकर धांधली कराने के मामले में एसटीएफ ने बड़ी सफलता हासिल की है।
एसटीएफ की नोएडा फील्ड इकाई ने परीक्षा केंद्र चयन करने वाली कंपनी ASSESS Infra Pvt. Ltd. के दो प्रमुख डायरेक्टरों—गगनदीप शर्मा और यादवेन्द्र सिंह—को सूरजपुर, गौतमबुद्धनगर स्थित एसटीएफ कार्यालय से गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है पूरा मामला? कैसे होता था नकल का खेल
एसटीएफ द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले की कड़ियां मई 2026 में हुई छापेमारी से जुड़ी हैं:
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22 मई 2026 की छापेमारी: ग्रेटर नोएडा स्थित ‘बालाजी डिजिटल जोन’ में प्रॉक्सी सर्वर लगाकर सर्वर हैक करने वाले मुख्य अभियुक्त प्रदीप चौहान और हैकर अमित राणा समेत 7 अभियुक्तों को 50 लाख रुपये नकद और प्रॉक्सी सर्वर डिवाइस के साथ गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में थाना नॉलेज पार्क में मुकदमा पंजीकृत हुआ था, जिसमें अब तक 10 अभियुक्त जेल भेजे जा चुके हैं।
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थर्ड पार्टी कंपनी का गठजोड़: विवेचना के दौरान खुलासा हुआ कि SSC की परीक्षाएं आयोजित कराने वाली मुख्य कार्यदायी संस्था Eduquity ने उत्तर भारत के राज्यों में परीक्षा केंद्रों के चयन और सुरक्षा ऑडिट का अनुबंध ASSESS Infra Pvt. Ltd. को दे रखा था।
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भुगतान न करने के बदले ढिलाई: जांच में सामने आया कि ASSESS Infra ने वर्ष 2025 से अब तक 16 परीक्षाएं आयोजित कराने के बावजूद ‘बालाजी डिजिटल जोन’ को निर्धारित शुल्क का भुगतान नहीं किया। पैसे न देने के बदले कंपनी द्वारा परीक्षा केंद्र में सुरक्षा नियमों की खुली अनदेखी की जाती थी, जिससे केंद्र संचालक अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर बेखौफ होकर नकल (सॉल्वर गैंग) कराता था।
उत्तराखंड से यूपी तक फैला नेटवर्क; 7 राज्यों के केंद्र संदिग्ध
एसटीएफ की गहन जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए हैं:
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ब्लैकलिस्टेड संचालक को दोबारा केंद्र बनाया: अप्रैल 2026 में देहरादून के ‘महादेव डिजिटल जोन’ में भी इसी तरह प्रॉक्सी सर्वर से नकल कराते पकड़ा गया था। वहां भी मुख्य आरोपी प्रदीप चौहान ही था। इसके बावजूद ASSESS Infra ने आपराधिक लापरवाही बरतते हुए उसके दूसरे सेंटर (बालाजी डिजिटल जोन) को दोबारा परीक्षा केंद्र के रूप में चुन लिया।
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कई राज्यों में संदिग्ध भूमिका: जांच के दौरान उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, झारखंड और दिल्ली के कई अन्य संदिग्ध परीक्षा केंद्र भी इस धांधली नेटवर्क में संलिप्त पाए गए हैं।
कठोरतम धाराओं में विधिक कार्रवाई जारी
एसटीएफ की टीम ने गिरफ्तार दोनों डायरेक्टरों को थाना नॉलेज पार्क, गौतमबुद्धनगर में पंजीकृत मुकदमे (बीएनएस की गंभीर धाराओं, आईटी एक्ट और The Public Examination (Prevention of Unfair Means) Act 2024 की धाराओं के तहत) में दाखिल कर जेल भेजने की अग्रिम वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
‘ऑल राइट्स मैगजीन’ लाखों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश करने और सार्वजनिक परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यूपी एसटीएफ की इस बड़ी कार्रवाई का समर्थन करती है।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)
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