प्रेमानंद महाराज का संकल्प: किडनी देने के ऑफर ठुकराए

“किडनी देने के प्रस्ताव ठुकराए, वृंदावन में बिताऊंगा जीवन”: प्रेमानंद जी महाराज का अटूट संकल्प; कहा— ‘भगवान के आश्रित रहो, भाग्य बदल जाएगा’

वृंदावन (उत्तर प्रदेश): प्रसिद्ध संत और कथावाचक पूज्य प्रेमानंद जी महाराज का एक नया संदेश और उनकी अटल भक्ति इन दिनों सोशल मीडिया और श्रद्धालुओं के बीच तेजी से चर्चा में है। गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं और दोनों किडनियों के पूरी तरह खराब होने के बावजूद, महाराज जी ने देश-विदेश से मिले किडनी डोनेशन और इलाज के दर्जनों प्रस्तावों को विनम्रतापूर्वक ठुकरा दिया है।

महाराज जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया कि उनका जीवन और शरीर पूरी तरह से श्री राधा रानी और भगवान के चरणों में समर्पित है।

“अगर जीना निश्चित है तो इसी शरीर से जिएंगे”: प्रेमानंद जी का आध्यात्मिक संदेश

अपने सत्संग के दौरान पूज्य प्रेमानंद जी महाराज ने अपनी भक्ति, जीवन दर्शन और वृंदावन वास के प्रति अटल निष्ठा को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कही हैं:

  • चिकित्सा और किडनी ट्रांसप्लांट पर विचार: महाराज जी ने बताया कि बहुत से भक्तों और डॉक्टरों ने उन्हें किडनी दान करने और उन्नत इलाज कराने की पेशकश की, लेकिन उनके मन में केवल एक ही भाव है— “अगर जीना निश्चित है तो इसी शरीर से जिएंगे, और यदि समय आ गया है तो किसी देवता की किडनी भी प्राण नहीं बचा सकती।”

  • भगवान पर पूर्ण आश्रय: उन्होंने श्रद्धालुओं को सीख दी कि जीवन में भौतिक साधनों से अधिक ईश्वर के आश्रित होना जरूरी है। सुख और दुख, स्वास्थ्य और बीमारी केवल कर्मों का चक्र हैं, जिसमें प्रभु कृपा ही एकमात्र सहारा है।

  • वृंदावन वास का अटल नियम: प्रेमानंद जी महाराज ने भक्तों को जीवन में दृढ़ संकल्प लेने की प्रेरणा देते हुए कहा कि स्थिति चाहे जैसी भी हो, अनुकूल या प्रतिकूल, वृंदावन धाम के प्रति निष्ठा और नियम कभी नहीं छोड़ना चाहिए। यही भक्ति आपका भाग्य बदलने में सक्षम है।

श्रद्धालुओं में अगाध श्रद्धा और प्रेरणा का स्रोत

प्रेमानंद जी महाराज का यह त्याग और अटूट विश्वास आज लाखों युवाओं और श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है:

  1. राधा नाम का जप: प्रतिदिन हजारों की संख्या में भक्त वृंदावन में उनके दर्शन करने और ‘राधा-राधा’ नाम संकीर्तन में भाग लेने पहुंचते हैं।

  2. समर्पण की अनूठी मिसाल: शारीरिक कष्टों के बावजूद रोज मध्यरात्रि में पदयात्रा करना और भक्तों को सही मार्ग दिखाना सनातन संस्कृति और भक्ति मार्ग की एक अद्भुत मिसाल है।

‘ऑल राइट्स मैगजीन’ पूज्य प्रेमानंद जी महाराज के इस महान आध्यात्मिक संदेश, अटूट भक्ति और जन-कल्याणकारी विचारों का नमन करती है।

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

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