राजगीर: सिंह शावक का नाम रखा लक्ष्मी
राजगीर: सीएम सम्राट चौधरी ने जू-सफारी का किया निरीक्षण, नन्हीं शेरनी का नाम रखा ‘लक्ष्मी’
: बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने रविवार को नालंदा जिले के राजगीर में स्थित जू-सफारी और नेचर सफारी का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल वन्य जीवों के संरक्षण की समीक्षा की, बल्कि पर्यटकों की सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाए रखने के कड़े निर्देश भी दिए।
सिंह शावक का नामकरण: ‘लक्ष्मी’
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने वन्य जीव अस्पताल का भ्रमण किया और वहां इलाज की सुविधाओं की जानकारी ली। इसी क्रम में उन्होंने एक नन्हीं सिंह शावक का नामकरण ‘लक्ष्मी’ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन्य जीवों को प्राकृतिक और सुरक्षित माहौल देना हमारी प्राथमिकता है।
दादा साहेब फाल्के अवार्डेड फिल्म ‘द वाइल्ड कॉल’ का आनंद
मुख्यमंत्री ने 180 डिग्री थियेटर में एनिमेटेड फिल्म ‘द वाइल्ड कॉल’ देखी।
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विषय: यह फिल्म शेर और बाघ के शावकों की यात्रा के माध्यम से जैव-विविधता और जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर मुद्दों पर आधारित है।
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सम्मान: इस फिल्म को 16वें दादा साहेब फाल्के फिल्म फेस्टिवल में ‘बेस्ट एनिमेशन’ का सम्मान मिला है, जिसका सर्टिफिकेट कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री को सौंपा गया।
ग्लास ब्रिज और सफारी का भ्रमण
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नेचर सफारी: मुख्यमंत्री ग्लास ब्रिज पर पहुंचे और वहां से राजगीर की पहाड़ियों के मनोरम दृश्य का आनंद लिया।
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वन्य जीव अवलोकन: बंद सुरक्षित गाड़ी में बैठकर उन्होंने सफारी का भ्रमण किया और शेर व बाघ समेत अन्य वन्य जीवों की गतिविधियों को करीब से देखा।
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निर्देश: मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि सफारी की व्यवस्थाओं को इस तरह मेंटेन किया जाए कि यहां आने वाले पर्यटकों को कोई असुविधा न हो और वन्य जीवों के प्राकृतिक आवास में कोई खलल न पड़े।
गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार और सांसद कौशलेंद्र कुमार सहित कई वरीय अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
राजगीर की यह सफारी बिहार में ईको-टूरिज्म (Eco-Tourism) के सबसे बड़े केंद्र के रूप में उभर रही है, जिसे मुख्यमंत्री के इस दौरे से और अधिक प्रोत्साहन मिला है।
(पटना – पीयूष कुमार प्रियदर्शी)
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

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