राहुल गांधी ने गिग वर्कर्स के अधिकार पर उठाए सवाल
गिग वर्कर्स पर राहुल गांधी का बड़ा हमला: किट-ट्रेनिंग चार्ज पर उठाए सवाल, मोदी सरकार से पूछे अधिकार”
विशेष राजनीतिक एवं सामाजिक रिपोर्ट (ऑल RIGHTs मैगजीन)
नई दिल्ली: देश भर में तेजी से बढ़ते गिग इकोनॉमी (Gig Economy) सेक्टर और उसमें काम करने वाले डिलीवरी बॉयज व राइडर्स की कार्यस्थितियों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गिग वर्कर्स की समस्याओं पर केंद्र की मोदी सरकार और डिलीवरी कंपनियों को कटघरे में खड़ा किया है।
1. गिग वर्कर बनने की प्रक्रिया पर सवाल
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शुरुआती आर्थिक बोझ: राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि गिग वर्कर्स को काम शुरू करने से पहले ही किट (Kit) और ऑनबोर्डिंग (Onboarding) के नाम पर अपनी जेब ढीली करनी पड़ती है।
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बिना भुगतान की ट्रेनिंग: वर्कर्स को ट्रेनिंग का कोई भुगतान नहीं किया जाता, न ही उन्हें कोई औपचारिक ऑफर लेटर (Offer Letter) या भविष्य में काम आने वाला अनुभव प्रमाण पत्र (Experience Certificate) दिया जाता है।
2. सरकार और कंपनियों से सीधे सवाल
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‘ऑर्डर पूरा करने की मशीन’: राहुल गांधी ने सीधा सवाल उठाते हुए पूछा कि “मोदी सरकार जवाब दे—गिग वर्कर ऐप के ऑर्डर पूरे करने की केवल एक मशीन हैं या उनके भी कुछ सामाजिक और श्रम अधिकार हैं?”
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सुरक्षा और अधिकारों की मांग: उन्होंने मांग की कि डिलीवरी और राइडिंग ऐप्स में काम करने वाले युवाओं को उचित सामाजिक सुरक्षा, निश्चित आय और न्यूनतम श्रम अधिकार मिलने चाहिए।
‘ऑल RIGHTs मैगजीन’ का दृष्टिकोण
डिजिटल इंडिया के दौर में लाखों युवा गिग वर्कर्स के रूप में रोजगार पा रहे हैं, लेकिन उनकी सामाजिक सुरक्षा, दुर्घटना बीमा और काम की अनिश्चित स्थितियां एक गंभीर नीतिगत मुद्दा हैं। सरकार और कंपनियों दोनों को मिलकर इन कर्मचारियों के हितों की रक्षा करनी होगी।
‘ऑल RIGHTs मैगजीन’ जनहित, श्रम अधिकारों और राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर पैनी नजर रखती है।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
(एडिटर (Allrights Magazine)
