लक्ष्मी नगर में फिर खुले अवैध होटल
दिल्ली: लक्ष्मी नगर में नियमों को ताक पर रखकर फिर खुले अवैध होटल और OYO; प्रशासन की नाक के नीचे चल रहा है खेल
नई दिल्ली: पूर्वी दिल्ली के प्रमुख व्यावसायिक और रिहायशी केंद्र लक्ष्मी नगर (Laxmi Nagar) से एक बड़ा मामला सामने आया है। प्राप्त नई सूचनाओं और तस्वीरों के आधार पर, इस इलाके में नियमों की धज्जियां उड़ाकर एक बार फिर से अवैध होटलों और ओयो (OYO) रूम्स का संचालन बड़े पैमाने पर शुरू हो गया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इन अवैध ठिकानों पर एक बार फिर से खुलेआम बोर्ड और बैनर लगा दिए गए हैं, जो प्रशासनिक दावों और कार्रवाई की पोल खोल रहे हैं।
तस्वीरों से हुआ भंडाफोड़, दोबारा लगाए गए बोर्ड
इलाके से सामने आईं हालिया तस्वीरों और इनपुट से यह साफ प्रमाणित होता है कि पूर्व में की गई प्रशासनिक सख्ती का असर अब पूरी तरह खत्म हो चुका है।
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खुलेआम हो रहा प्रचार: सील या बंद किए गए कई संदिग्ध होटलों और ओयो सेंटरों के बाहर दोबारा से कमर्शियल बोर्ड और बोर्डिंग साइन लगा दिए गए हैं।
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सत्यापन पर सवाल: बिना किसी पुख्ता सुरक्षा ऑडिट और वैध प्रशासनिक स्वीकृतियों (Approvals) के इन होटलों को फिर से चालू कर दिया गया है, जो स्थानीय सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा खतरा साबित हो सकता है।
‘स्पा नेटवर्क’ के बाद अब ‘अवैध होटलों’ का नया सिंडिकेट?
हाल ही में लक्ष्मी नगर मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 2 के पास और आसपास के इलाकों (जैसे कृष्णा नगर और प्रीत विहार) में स्पा सेंटरों की आड़ में वीजा नियमों का उल्लंघन कर रह रहे विदेशी नागरिकों के अवैध नेटवर्क का खुलासा हुआ था। अब ठीक उसी तर्ज पर, लक्ष्मी नगर के रिहायशी और घने इलाकों में अवैध रूप से बिना जरूरी लाइसेंस के होटलों और ओयो रूम्स का दोबारा खुलना इस बात की तरफ इशारा करता है कि इलाके में नियमों को ताक पर रखने वाला सिंडिकेट बेहद सक्रिय है।
प्रशासन और पुलिस की नाक के नीचे चल रहा है खेल
स्थानीय निवासियों और व्यापारियों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि स्थानीय पुलिस और नगर निगम (MCD) के अधिकारियों की नाक के नीचे यह पूरा खेल खुलेआम चल रहा है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि सब कुछ जानते हुए भी जिम्मेदार विभाग और प्रशासनिक अमला इस गंभीर लापरवाही पर आंखें मूंदे बैठा है। रिहायशी क्षेत्रों में इन अवैध गतिविधियों के दोबारा पैर पसारने से कानून-व्यवस्था के साथ-साथ स्थानीय सामाजिक माहौल और सुरक्षा पर भी गंभीर संकट मंडराने लगा है।

मालवीय नगर बाद लक्ष्मी नगर/शकरपुर ओयो/होटल ?
लक्ष्मी नगर में मौत के कुएं बने ‘अवैध होटल’: मालवीय नगर अग्निकांड के बाद भी सोया है प्रशासन!
कल मालवीय नगर के एक होटल में लगी भीषण आग ने दिल्ली के माथे पर एक और कलंक लगा दिया है। हादसे के बाद जो खुलासा हुआ, उसने प्रशासन की नींद उड़ाकर रख दी है—जिस होटल के पास सिर्फ 6 कमरों का वैध लाइसेंस था, वहां धड़ल्ले से 25 कमरे चलाए जा रहे थे! लेकिन अगर आप सोचते हैं कि यह जानलेवा गड़बड़झाला सिर्फ मालवीय नगर तक सीमित है, तो आप बहुत बड़ी गलतफहमी में हैं।
पूर्वी दिल्ली का लक्ष्मी नगर इलाका इस वक्त नियमों को ठेंगा दिखाकर चल रहे अवैध होटलों का सबसे बड़ा और खतरनाक गढ़ बन चुका है। लक्ष्मी नगर की बेहद संकरी गलियों और घनी आबादी वाले रिहायशी इलाकों में नियमों को ताक पर रखकर कुकुरमुत्ते की तरह होटलों की बाढ़ आ चुकी है。
ग्राउंड रिपोर्ट: रिहायशी मकानों में सज गई मौत की मंडियां जमीनी हकीकत तो यही इशारा करती है कि मोटी कमाई के चक्कर में रिहायशी मकानों को रातों-रात होटलों में तब्दील कर दिया गया है। स्थानीय सूत्रों और विज़िटिंग कार्ड्स से मिले ब्यौरे के अनुसार, लक्ष्मी नगर के अलग-अलग ब्लॉक्स और संकरी गलियों में ये होटल्स धड़ल्ले से ऑपरेट हो रहे हैं:


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Solitaire Hotel (विकास मार्ग)
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Hotel Green Palace (शकरपुर, विकास मार्ग)
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Four Seasons Inn (लक्ष्मी नगर)
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Hotel Twamev (लक्ष्मी नगर मार्केट के पास)
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Anvit Residency (जवाहर पार्क, लक्ष्मी नगर)
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JPS Residency (जवाहर पार्क, लक्ष्मी नगर)
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Hotel Good Living (विजय चौक, लक्ष्मी नगर)
बड़ा सवाल: क्या लक्ष्मी नगर में चल रहे इन सैकड़ों होटलों के पास फायर एनओसी (Fire NOC) है? क्या इनके पास MCD का वैध लाइसेंस और आपातकालीन निकास (Emergency Exit) जैसी बुनियादी सुरक्षा व्यवस्था है?
प्रशासन, MCD और दिल्ली सरकार की ‘मूक सहमति’ पर गंभीर सवाल
मालवीय नगर के अग्निकांड ने दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस और MCD की कार्यप्रणाली को सीधे कटघरे में खड़ा कर दिया है। लक्ष्मी नगर की जनता आज इन एजेंसियों से सीधे सवाल पूछ रही है:
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
(एडिटर (Allrights Magazine)

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