राहुल और प्रियंका गांधी ने की ‘विजन आईएएस’ के छात्रों से मुलाकात: शिक्षण गुणवत्ता में गिरावट और फीस रिफंड न मिलने पर छात्रों ने जताई गहरी नाराजगी
“छात्रों की समस्याओं पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की ‘विजन आईएएस’ के विद्यार्थियों से मुलाकात: घटती गुणवत्ता और फीस रिफंड को लेकर गंभीर चिंताएं उजागर”
नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) श्री राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी की महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी वाड्रा ने हाल ही में नई दिल्ली स्थित प्रमुख सिविल सेवा कोचिंग संस्थान ‘विजन आईएएस’ (Vision IAS) के विद्यार्थियों से एक महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस बैठक के दौरान विद्यार्थियों ने कोचिंग संस्थानों में शिक्षा की गिरती गुणवत्ता, घटते मेंटरशिप स्तर और अध्ययन सामग्री (Study Materials) में आ रही गिरावट को लेकर कई गंभीर चिंताएं साझा कीं।
1. छात्रों की प्रमुख शिकायतें और प्रशासनिक उदासीनता
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शिक्षण और मेंटरशिप में गिरावट: विद्यार्थियों ने नेताओं के सामने खुलकर अपनी पीड़ा रखी कि भारी-भरकम फीस वसूलने के बावजूद संस्थानों में अब वह शैक्षणिक मानक और व्यक्तिगत मार्गदर्शन (Mentorship) नहीं मिल रहा है, जो सिविल सेवा जैसी कठिन परीक्षा के लिए आवश्यक होता है।
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अनसुनी मांगें और फीस रिफंड का विवाद: छात्रों का मुख्य आरोप यह भी था कि संस्थान का प्रबंधन (Management) उनकी जायज मांगों के प्रति पूरी तरह अनुत्तरदायी रहा है। जब छात्रों ने व्यवस्था से असंतुष्ट होकर अपनी फीस रिफंड (Fee Refund) करने की मांग की, तो संस्थान ने उनकी बात सुनने से इनकार कर दिया।
2. प्रतिस्पर्धी शिक्षा बाजार और छात्रों का बढ़ता मानसिक तनाव
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व्यावसायीकरण पर सवाल: देश की राजधानी दिल्ली (विशेषकर करोल बाग और ओल्ड राजेंद्र नगर) में स्थित कोचिंग संस्थान आज बड़े व्यावसायिक हब बन चुके हैं, जहां छात्रों के भविष्य से अधिक मुनाफे को प्राथमिकता दिए जाने के आरोप अक्सर लगते रहते हैं।
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राजनीतिक हस्तक्षेप और मुखरता: मुख्य विपक्षी नेताओं द्वारा छात्रों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को सुनना यह दर्शाता है कि देश के युवाओं की शैक्षणिक और आजीविका से जुड़ी दिक्कतें अब राष्ट्रीय राजनीतिक पटल पर एक बड़ा मुद्दा बनती जा रही हैं।
3. ‘ऑल RIGHTs मैगजीन’ का दृष्टिकोण: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और छात्र अधिकार
शिक्षा राष्ट्र निर्माण की रीढ़ है। यूपीएससी और अन्य उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले देश के कोने-कोने से आने वाले युवा आर्थिक और मानसिक रूप से भारी संघर्ष करते हैं। ऐसे में कोचिंग संस्थानों की जवाबदेही तय करना और छात्रों के अधिकारों की रक्षा करना अत्यंत आवश्यक है।
‘ऑल RIGHTs मैगजीन’ शिक्षा क्षेत्र की पारदर्शिता, प्रशासनिक जवाबदेही और युवाओं के हितों से जुड़ी हर खबर पर अपनी पैनी नजर रखती है।
