विजयादशमी पर गोरखनाथ मंदिर से निकली भव्य शोभायात्रा: सीएम योगी ने किया प्रभु श्री राम का पूजन; बोले—भ्रष्टाचार, नशे और दुष्प्रचार के खिलाफ जारी रहे लड़ाई
“विजयादशमी पर सीएम योगी का आह्वान: सामाजिक बुराइयों और असत्य के खिलाफ जारी रहे संघर्ष; श्री गोरखनाथ मंदिर से निकली भव्य विजय शोभायात्रा”
विशेष सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक रिपोर्ट (ऑल RIGHTs मैगजीन)
गोरखपुर: अधर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य और अन्याय पर न्याय की विजय के महान पर्व विजयादशमी के पावन अवसर पर गोरखपुर स्थित ऐतिहासिक श्री गोरखनाथ मंदिर से ‘जय श्री राम’ के गूंजते जयघोष के बीच एक भव्य और भक्तिमय विजय शोभायात्रा निकाली गई। इस पावन अवसर पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभु श्री राम, माता जानकी, श्री लक्ष्मण जी और संकटमोचन श्री हनुमान जी के स्वरूपों का विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर आरती उतारी।
1. केवल रावण दहन तक सीमित न रहे पर्व: सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ युद्ध का संकल्प
विजयादशमी के इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश और प्रदेश वासियों को शुभकामनाएं देते हुए एक सशक्त सामाजिक और राष्ट्रीय संदेश दिया:
“विजयादशमी का पर्व केवल रावण के दस सिरों के दहन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अन्याय, अत्याचार, अधर्म, भ्रष्टाचार, दुराचार, दुष्प्रचार और नशे जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ भी हमारी लड़ाई मजबूती के साथ आगे बढ़नी चाहिए।”
— योगी आदित्यनाथ (मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश एवं गोरक्षपीठाधीश्वर)
2. आध्यात्मिक गरिमा और लोक-आस्था से सराबोर ‘भव्य विजय शोभायात्रा’
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प्रभु श्री राम का पूजन-अर्चन: परंपरानुसार गोरक्षपीठाधीश्वर ने प्रभु श्री राम, माता जानकी, श्री लक्ष्मण और श्री हनुमान जी के दिव्य स्वरूपों का तिलक लगाकर वंदन किया और लोक-कल्याण की कामना की।
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पारंपरिक विजय शोभायात्रा: श्री गोरखनाथ मंदिर परिसर से प्रारम्भ होकर यह शोभायात्रा अपने पारंपरिक मार्ग से होते हुए मानसरोवर रामलीला मैदान पहुँची। पूरे मार्ग में ढोल-नगाड़ों, लोक-नृत्यों और श्रद्धालुओं के पुष्प-वर्षा के बीच आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्तिमय वातावरण देखते ही बनता था।
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सामाजिक समरसता का संदेश: गोरक्षपीठ की यह परंपरा हमेशा से ही जाति, पंथ और वर्ग से ऊपर उठकर सामाजिक समरसता और सनातन संस्कृति के संवर्धन का प्रतीक रही है।
3. ‘ऑल RIGHTs मैगजीन’ का दृष्टिकोण: सांस्कृतिक जागरण और सुशासन का समन्वय
विजयादशमी का पर्व हमें यह याद दिलाता है कि सुशासन और समृद्ध समाज की स्थापना तब तक संभव नहीं है जब तक कि समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार, दुराचार और नशे जैसी कुरीतियों का पूर्ण विनाश न हो। गोरक्षपीठ का यह संदेश भारतीय संस्कृति, मर्यादा और राष्ट्र-निर्माण की दिशा में एक सशक्त प्रेरणा है।
‘ऑल RIGHTs मैगजीन’ देश की सांस्कृतिक धरोहर, सनातन परंपराओं और प्रशासनिक प्राथमिकताओं से जुड़ी हर खबर को अपने पाठकों तक सम्मानपूर्वक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
