राष्ट्रपति मुर्मु का जबलपुर दौरा

शिक्षा से ही पूरा होगा ‘विकसित भारत-2047’ का लक्ष्य! राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रानी दुर्गावती विवि के दीक्षांत समारोह और योग कार्यक्रम में लिया हिस्सा

जबलपुर (मध्य प्रदेश):

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रविवार को मध्य प्रदेश के जबलपुर में आयोजित कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शिरकत की। उन्होंने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के 36वें दीक्षांत समारोह (Convocation Ceremony) में भाग लेकर मेधावी छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक (Gold Medals) प्रदान किए और उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इसके साथ ही, राष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित विशेष शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेकर देशवासियों को निरोग रहने का संदेश दिया।

🎓 ‘रानी दुर्गावती के साहस से प्रेरणा ले युवा’

दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मु ने शिक्षा के मूल उद्देश्यों और सामाजिक न्याय पर विशेष जोर दिया:

  • शौर्य की प्रतीक: राष्ट्रपति ने कहा कि गोंडवाना साम्राज्य की शासक वीरांगना रानी दुर्गावती साहस, वीरता और कुशल प्रशासन की अद्भुत प्रतीक थीं। उनका गौरवशाली जीवन और प्रेरणा आने वाली हर पीढ़ी का मार्गदर्शन करती रहेगी।

  • सशक्तीकरण पर जोर: उन्होंने आदिवासी समुदायों, समाज के वंचित वर्गों और बालिकाओं के सशक्तीकरण के लिए शिक्षा को सबसे बड़ा और प्रभावी माध्यम बताया।

  • विकसित भारत-2047: राष्ट्रपति ने रेखांकित किया कि ‘विकसित भारत-2047’ का हमारा राष्ट्रीय लक्ष्य तभी सच साबित होगा, जब विकास और शिक्षा का लाभ बिना किसी भेदभाव के समाज के हर अंतिम वर्ग तक पहुंचेगा।

🧘 गैरीसन ग्राउंड में किया योगाभ्यास

विश्वविद्यालय के कार्यक्रम के अलावा राष्ट्रपति मुर्मु एक और बड़े सार्वजनिक उत्सव का हिस्सा बनीं:

  • मुख्य अतिथि: राष्ट्रपति जबलपुर के सदर इलाके में स्थित ऐतिहासिक गैरीसन ग्राउंड में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।

  • योग का संदेश: उन्होंने वहां उपस्थित विशाल जनसमुदाय के साथ स्वयं योगाभ्यास किया और योग को केवल एक दिन का उत्सव न मानकर इसे दैनिक जीवनशैली का अनिवार्य हिस्सा बनाने का मजबूत संदेश दिया।

🐆 आज कूनो राष्ट्रीय उद्यान का करेंगी दौरा

अपने तय कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रपति मुर्मु सोमवार (आज) मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित प्रसिद्ध कूनो राष्ट्रीय उद्यान (Kuno National Park) का दौरा करेंगी।

  • चीता मित्रों से मुलाकात: कूनो दौरे के दौरान वह भारत में चीतों के पुनर्वास प्रोजेक्ट की समीक्षा करेंगी।

कर्मियों का हौसला बढ़ाएंगी: वह चीतों की चौबीसों घंटे देखरेख करने वाले समर्पित वन कर्मियों, वन्यजीव विशेषज्ञों और राष्ट्रीय उद्यान के मैदानी कर्मचारियों से सीधे मुलाकात कर उनकी अनोखी कार्यशैली और अनुभवों की विस्तृत जानकारी लेंगी।


सोनू कुमार पत्रकार

(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)

 एडिटर (Allrights Magazine)


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