पेट्रोल पंप मैनेजर साइबर ठगी में गिरफ्तार

बरेली: 2% कमीशन के लालच में मैनेजर ने साइबर ठगों को ‘किराये’ पर दिया पेट्रोल पंप का खाता, गिरफ्तार

(बरेली: ब्यूरो रिपोर्ट)

बरेली के इज्जतनगर क्षेत्र में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक पेट्रोल पंप के मैनेजर ने महज दो प्रतिशत कमीशन के लालच में पंप के आधिकारिक बैंक खाते को साइबर अपराधियों के हवाले कर दिया। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए आरोपी मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया है।


कैसे खुला ठगी का राज?

इज्जतनगर स्थित ओशी फिलिंग स्टेशन के संचालक अथर्व आर्य को अपने व्यवसायिक खाते में संदिग्ध लेनदेन का आभास हुआ। मामले का खुलासा तब हुआ जब:

  • मुंबई से आया कॉल: 13 अप्रैल को मुंबई के एक व्यक्ति ने संचालक को फोन कर बताया कि उसकी पत्नी के साथ साइबर फ्रॉड हुआ है और ठगी गई रकम उनके पेट्रोल पंप के खाते में ट्रांसफर हुई है।

  • पेटीएम डिस्प्यूट मैसेज: 14 अप्रैल को पेटीएम बिजनेस ऐप पर 50 हजार रुपये का डिस्प्यूट मैसेज मिलने के बाद संचालक का शक गहरा गया।

  • मैनेजर की संदिग्ध भूमिका: जांच करने पर पता चला कि क्योलड़िया निवासी मैनेजर कांता प्रसाद इस पूरे खेल का मुख्य सूत्रधार है।

15 दिन से चल रहा था ‘किराये के खाते’ का खेल

पुलिस पूछताछ में आरोपी कांता प्रसाद ने स्वीकार किया कि वह पिछले 15 दिनों से साइबर ठगों के संपर्क में था।

  • मोडस ऑपरेंडी: ठग पेट्रोल पंप के खाते में चोरी की रकम ट्रांसफर करते थे। कांता प्रसाद उसमें से अपना 2% कमीशन काटकर शेष राशि कुछ सेल्समैन की मदद से नकद निकालकर ठगों को सौंप देता था।

  • दबाव का खेल: 14 अप्रैल को जब 50 हजार की रकम आई, तो आरोपी पकड़े जाने के डर से रकम लेने नहीं पहुंचा, लेकिन ठगों ने ऑनलाइन ट्रांसफर का दबाव बनाया। वह 50 हजार के बदले मात्र 25 हजार लेकर भी मामला रफा-दफा करने को तैयार था।

पुलिस की कार्रवाई

इज्जतनगर इंस्पेक्टर सुरेश चंद्र गौतम ने बताया कि पंप संचालक की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

  • गिरफ्तारी: आरोपी मैनेजर कांता प्रसाद को गिरफ्तार कर उसका चालान कर दिया गया है।

  • खाता विवरण की जांच: पुलिस बैंक स्टेटमेंट खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अब तक इस खाते के जरिए कुल कितनी रकम का ‘लॉन्ड्रिंग’ किया गया है।

यह मामला व्यापारियों के लिए एक चेतावनी है कि वे अपने बैंक खातों और कर्मचारियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखें, ताकि उनका व्यवसाय अनजाने में किसी बड़े अपराध का हिस्सा न बन जाए।


बरेली से रोहिताश कुमार भास्कर

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

 सीनियर एडिटर (Allrights Magazin)


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