पटना ट्रैफिक पुलिस को मिली एंबुलेंस

पटना ट्रैफिक पुलिस को मिलीं दो एंबुलेंस; दुर्घटना के समय ‘गोल्डन ऑवर’ में मिलेगी मदद

पटना: राजधानी की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने और सड़क दुर्घटनाओं के समय पीड़ितों को तुरंत राहत पहुँचाने के लिए पटना ट्रैफिक पुलिस को दो एंबुलेंस की सुविधा प्रदान की गई है. मंगलवार को डीजीपी विनय कुमार और एडीजी (ट्रैफिक) सुधांशु कुमार ने पुलिस मुख्यालय, सरदार पटेल भवन से इन गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.


प्रमुख सड़कों पर रहेगी तैनाती

ये एंबुलेंस मुख्य रूप से पटना की उन सड़कों पर तैनात रहेंगी जहाँ वाहनों की गति तेज रहती है:

  • अटल पथ, पाटलि पथ और जेपी गंगा पथ: इन प्रमुख मार्गों पर एंबुलेंस की विशेष तैनाती होगी.

  • 24 घंटे सेवा: यह सुविधा चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेगी ताकि आपात स्थिति में पीड़ितों को नजदीकी अस्पताल पहुँचाया जा सके.

  • अन्य सड़कें: ये गाड़ियाँ शहर की अन्य मुख्य सड़कों पर भी निरंतर भ्रमण करती रहेंगी.

सीएसआर फंड से मिली सुविधा

  • चोला मंडलम जनरल इंश्योरेंस: कंपनी ने सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी) फंड के तहत ये एंबुलेंस पुलिस महकमे को उपलब्ध कराई हैं.

  • समझौता: इस अवसर पर डीजीपी और कंपनी के एमडी वी सूर्यनारायणन के बीच एक समझौता पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर भी किए गए.

  • विस्तार: बिहार के अलावा महाराष्ट्र और राजस्थान में भी कंपनी ने इस तरह की एंबुलेंस प्रदान की हैं.

‘गोल्डन ऑवर’ में प्राथमिक उपचार

एडीजी (ट्रैफिक) सुधांशु कुमार ने बताया कि पटना सड़क दुर्घटनाओं के मामले में देश के टॉप-100 शहरों में आता है. इस पहल के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

  • गोल्डन ऑवर: दुर्घटना के बाद के शुरुआती कुछ घंटों (गोल्डन ऑवर) में चिकित्सीय सहायता सुनिश्चित करना.

  • प्रशिक्षित कर्मी: एंबुलेंस में ट्रैफिक पुलिस के साथ स्वास्थ्य विभाग के प्रशिक्षित कर्मी भी मौजूद रहेंगे, जो घायलों को तुरंत प्राथमिक उपचार प्रदान करेंगे.

  • डायल-112 से जुड़ाव: जल्द ही इस एंबुलेंस सेवा को ‘डायल-112’ नंबर से जोड़ दिया जाएगा, ताकि सूचना मिलते ही पुलिस और मेडिकल सहायता एक साथ पहुँच सके.


    (जया कुमारी की रिपोर्ट)

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर

 (Allrights Magazine)


खगड़िया: विकास कार्यों का सीएम ने लिया जायजा!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: