संसद: नीट पर हंगामा, सोमवार तक स्थगित

NEET पेपर लीक मुद्दे पर संसद में भारी हंगामा: दोनों सदनों की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित, कारगिल के अमर शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि


रिपोर्ट: सोनू कुमार (पत्रकार)

संसद के मानसून सत्र के दौरान नीट (NEET) परीक्षा पेपर लीक और देशभर में छात्रों के विरोध प्रदर्शन का मुद्दा छाया हुआ है। लगातार पांचवें दिन भी विपक्ष के जोरदार हंगामे और नारेबाजी के कारण लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है।

सदन में गतिरोध के बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया कि सरकार पहले दिन से ही नीट मुद्दे पर सार्थक चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है।

कारगिल के अमर शहीदों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

संसद की कार्यवाही शुरू होते ही दोनों सदनों में 27वें कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर मातृभूमि की रक्षा में प्राण न्योछावर करने वाले भारतीय सशस्त्र बलों के अमर शहीदों को नमन किया गया:

  • लोकसभा: अध्यक्ष ओम बिरला ने शहीदों के अदम्य साहस, वीरता और सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए कहा कि दुर्गम परिस्थितियों में देश की संप्रभुता की रक्षा करने वाले वीरों का पूरा देश सदैव ऋणी रहेगा।

  • राज्यसभा: सभापति सी पी राधाकृष्णन ने सशस्त्र बलों के अधिकारियों और जवानों के अदम्य साहस व निस्वार्थ समर्पण की सराहना की।

  • दोनों सदनों में सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

नीट मुद्दे पर गतिरोध: किरेन रिजिजू बोले – “सरकार चर्चा के लिए तैयार”

पहले स्थगन के बाद जब दोपहर 12 बजे लोकसभा की कार्यवाही पुनः शुरू हुई, तो संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा:

“सरकार पहले दिन से ही नीट पेपर लीक मामले पर नियमबद्ध चर्चा कराने के लिए तैयार है, लेकिन कांग्रेस की कुछ अनुचित शर्तों के कारण चर्चा आगे नहीं बढ़ पा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को आश्वस्त किया है कि पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून लाया जाएगा।”

रिजिजू ने पर्यावरण व सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का हवाला देते हुए कहा कि संसद में चर्चा होना बेहद जरूरी है। यदि सांसद चर्चा से भागेंगे, तो देश में नकारात्मक संदेश जाएगा। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य विपक्षी दलों से सदन को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग की अपील की।

राज्यसभा में पेश हुआ राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026

राज्यसभा में हंगामे के बीच ही गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने ‘राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026’ पेश किया, जिसका उद्देश्य 1971 के मूल अधिनियम में संशोधन करना है।

माकपा (CPI-M) नेता जॉन ब्रिटास और भाकपा (CPI) नेता संदोष कुमार ने विधेयक का विरोध किया। विधेयक पेश होते ही विपक्षी सदस्यों ने फिर से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके बाद उपसभापति हरिवंश ने उच्च सदन की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी।


सीनियर एडिटर गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

ALL rights magazine (डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क)


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