पान मसाला ऐड: IAS तुकाराम का बॉलीवुड पर बड़ा हमला

IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे का बॉलीवुड सितारों पर बड़ा हमला: पान मसाला विज्ञापनों पर जताया कड़ा ऐतराज, बताया ‘कानून का उल्लंघन’

मुंबई/नागपुर: अपनी कड़क कार्यशैली और बेबाक फैसलों के लिए मशहूर वरिष्ठ IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे (Tukaram Mundhe) ने पान मसाला और तंबाकू ब्रांड्स का प्रचार करने वाले बॉलीवुड के ए-लिस्ट (A-list) अभिनेताओं पर तीखा हमला बोला है। IAS अधिकारी ने सीधे तौर पर इन बड़े बॉलीवुड सितारों को ‘कानून का उल्लंघन करने वाला’ करार दिया है।

उन्होंने सवाल उठाया है कि जो हस्तियां युवाओं के लिए रोल मॉडल मानी जाती हैं, वे किस नैतिक और कानूनी आधार पर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक सरोगेट विज्ञापनों (Surrogate Advertisements) का चेहरा बन रही हैं।

“कानून का उल्लंघन कर रहे हैं ये सितारे”: IAS तुकाराम मुंढे का सख्त रुख

सार्वजनिक स्वास्थ्य और नैतिक मूल्यों की वकालत करते हुए तुकाराम मुंढे ने इस विषय पर कड़ा ऐतराज जताया है:

  • सरोगेट विज्ञापनों पर प्रहार: उन्होंने स्पष्ट किया कि इलायची या माउथ फ्रेशनर के नाम पर अप्रत्यक्ष रूप से तंबाकू और पान मसाला के ब्रांड्स का प्रचार करना उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम (Consumer Protection Act) और तंबाकू नियंत्रण कानूनों की आत्मा का सीधा उल्लंघन है।

  • सामाजिक जवाबदेही से भागने का आरोप: मुंढे ने कहा कि भारी-भरकम फीस लेकर करोड़ों युवाओं को नशे और कैंसर पैदा करने वाले उत्पादों की ओर धकेलने वाले ये सितारे अपनी सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी से मुंह मोड़ रहे हैं।

  • कानूनी कार्रवाई की मांग: उन्होंने संकेत दिया कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और जन-स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले ऐसे विज्ञापनों पर सख्त से सख्त प्रशासनिक व कानूनी अंकुश लगाया जाना चाहिए।

तंबाकू और पान मसाला विज्ञापनों पर देश भर में उठ रही मांग

बॉलीवुड अभिनेताओं द्वारा पान मसाला विज्ञापनों में काम करने को लेकर पहले भी आम जनता और सामाजिक संगठनों ने विरोध दर्ज कराया है:

  1. युवाओं पर गलत प्रभाव: फिल्म सितारों की बहुत बड़ी फैन फॉलोइंग युवाओं और बच्चों के बीच है। ऐसे में इन विज्ञापनों से समाज में गलत संदेश जाता है।

  2. प्रशासनिक सतर्कता: एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी द्वारा सार्वजनिक रूप से यह मुद्दा उठाए जाने के बाद अब केंद्र और राज्य स्तर पर सरोगेट विज्ञापनों के खिलाफ सख्त गाइडलाइंस लागू करने की मांग तेज हो गई है।

‘ऑल राइट्स मैगजीन’ जन-स्वास्थ्य और सामाजिक जिम्मेदारी को प्राथमिकता देने वाले IAS तुकाराम मुंढे के इस साहसिक और जन-हितैषी दृष्टिकोण का समर्थन करती है।

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

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