विपक्ष का हमला: MSME व रोजगार मुद्दा
“MSME तबाह, युवाओं पर लाठियां”: संसद में विपक्ष का केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार; गृह मंत्री और पीएम की गैर-मौजूदगी पर उठाए गंभीर सवाल
विशेष राष्ट्रीय एवं राजनीतिक ब्यूरो: नई दिल्ली
संसद के मानसून सत्र के दौरान बेरोजगारी, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) की स्थिति और प्रतियोगी छात्रों पर हुए कथित पुलिसिया बल प्रयोग को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार पर चौतरफा हमला बोल दिया है। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण देश का MSME क्षेत्र पूरी तरह से चरमरा गया है, जिससे रोजगार के अवसरों में भारी गिरावट आई है।
विपक्ष ने गृह मंत्री की सदन में अनुपस्थिति और प्रधानमंत्री के संवाद न करने के रवैये की कड़ी आलोचना करते हुए संसद के पटल पर सीधे जवाबदेही तय करने की मांग की है।
MSME की विफलता और बेरोजगारी का संकट
संसद भवन परिसर और सदन के भीतर अपनी बात रखते हुए विपक्षी प्रवक्ताओं ने देश के औद्योगिक और आर्थिक परिदृश्य पर चिंता जताई:
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सूक्ष्म एवं लघु उद्योग पस्त: विपक्ष का कहना है कि गलत आर्थिक नीतियों, जीएसटी की जटिलताओं और समय पर मदद न मिलने के कारण लाखों छोटे उद्योग बंद होने की कगार पर हैं, जो देश में सबसे ज्यादा रोजगार प्रदान करते हैं।
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युवाओं पर लाठीचार्ज का विरोध: रोजगार और पारदर्शी परीक्षाओं की मांग कर रहे छात्रों पर हुए हालिया लाठीचार्ज का मुद्दा उठाते हुए विपक्ष ने कहा कि नौकरी मांगने वाले युवाओं को अधिकारों के बजाय लाठियां मिल रही हैं।
“सदन से दूरी और जवाबदेही से भागने का आरोप”
विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि इतने गंभीर राष्ट्रीय मुद्दों पर भी सरकार का शीर्ष नेतृत्व सदन में चर्चा से बच रहा है:
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गृह मंत्री से जवाब की मांग: विपक्ष ने मांग की कि देश में बढ़ते असंतोष, पुलिसिया कार्रवाई और बेरोजगारी के संकट पर गृह मंत्री को स्वयं सदन में आकर आधिकारिक बयान देना चाहिए।
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पीएम की जवाबदेही पर सवाल: विपक्षी सांसदों ने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सोशल मीडिया और डिजिटल प्रचार में अत्यधिक व्यस्त हैं, लेकिन जब देश के भविष्य यानी युवाओं के सवालों और संसद में जनता की आवाज का जवाब देने की बात आती है, तो वे सदन से दूरी बना लेते हैं।
राष्ट्रीय एवं राजनीतिक ब्यूरो: नई दिल्ली
ऑल Rights मैगज़ीन (डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क)
सीनियर एडिटर गोपाल चन्द्र अग्रवाल

