पेपर लीक पर संसद में विपक्ष का प्रदर्शन
“संगठित ढंग से युवाओं का भविष्य किया जा रहा बर्बाद”: पेपर लीक और पुलिस कार्रवाई के खिलाफ संसद परिसर में विपक्ष का बड़ा विरोध-प्रदर्शन
देश में लगातार हो रहे पेपर लीक और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पुलिस द्वारा किए गए बल प्रयोग के विरोध में संसद का माहौल पूरी तरह गरमा गया है। बुधवार को संसद परिसर स्थित मकर द्वार और महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष इंडिया (I.N.D.I.A.) गठबंधन के घटक दलों समेत पूरे विपक्ष के सांसदों ने एक एकजुट होकर केंद्र सरकार के खिलाफ ज़ोरदार विरोध-प्रदर्शन किया।
विपक्षी सांसदों ने हाथों में तख्तियां लेकर “छात्रों को न्याय दो”, “पेपर लीक माफिया पर लगाम लगाओ” और “युवाओं पर अत्याचार बंद करो” के नारे लगाए।
“संगठित ढंग से युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़”
संसद परिसर में प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं ने केंद्र की भाजपा नीत सरकार को घेरते हुए गंभीर आरोप लगाए:
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लगातार पेपर लीक पर सवाल: नेताओं ने कहा कि भाजपा शासनकाल में कोई भी राष्ट्रीय या राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षा बिना विवाद और बिना पेपर लीक के पूरी नहीं हो पा रही है। यह महज इत्तेफाक नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य को व्यवस्थित तरीके से बर्बाद करने वाला एक संगठित नेटवर्क बन चुका है।
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बर्बर पुलिस कार्रवाई की निंदा: अपने हक और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे होनहार छात्र-छात्राओं को सुनने के बजाय उन पर लाठियां बरसाई जा रही हैं। उन्हें पुलिस हिरासत में लेकर प्रताड़ित किया जा रहा है, जिसकी जितनी निंदा की जाए कम है।
“सड़क से संसद तक युवाओं के साथ खड़ा है विपक्ष”
विपक्षी दलों के फ्लोर लीडर्स ने स्पष्ट किया कि वे देश के करोड़ों परीक्षार्थियों, युवाओं और उनके परिवारों की आवाज़ को किसी कीमत पर दबने नहीं देंगे:
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संसद में स्थगन प्रस्ताव: विपक्ष की मांग है कि संसद में अन्य सभी विधायी कार्यों को रोककर सबसे पहले देशव्यापी पेपर लीक संकट और परीक्षा एजेंसियों (जैसे NTA) की जवाबदेही पर सीधी चर्चा कराई जाए।
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न्यायिक जांच की मांग: पूरे मामले की निष्पक्ष और सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश की देखरेख में उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
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दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई: प्रदर्शनकारी छात्रों पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज करने वाले अधिकारियों को तुरंत निलंबित किया जाए।
विपक्ष ने ऐलान किया है कि जब तक सरकार देश के युवाओं की जायज मांगों को स्वीकार नहीं करती और एक मजबूत ‘पेपर लीक रोधी’ व्यवस्था लागू नहीं करती, तब तक संसद से लेकर सड़क तक यह संग्राम जारी रहेगा।
- (गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
(एडिटर (Allrights Magazine)

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