ऑनलाइन ऐड स्कीम फ्रॉड: ₹3.70 Cr ज़ब्त
ऑनलाइन विज्ञापन देख कर कमाई के नाम पर ठगी: ED ने JAA लाइफस्टाइल की ₹3.70 करोड़ की संपत्ति की कुर्क; ₹1,109 की मेंबरशिप फीस के नाम पर ऐंठे थे ₹4.29 करोड़
विशेष राष्ट्रीय एवं आर्थिक अपराध ब्यूरो: बेंगलुरु / नई दिल्ली
प्रवर्तन निदेशालय (ED), बेंगलुरु क्षेत्रीय कार्यालय ने ‘ऑनलाइन विज्ञापन देखकर कमाई’ (Online Advertisement Viewing Earning Scheme) के नाम पर जनता से ठगी करने वाली कंपनी M/s JAA लाइफस्टाइल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (M/s JAA Lifestyle India Pvt. Ltd.) पर बड़ा शिकंजा कसा है। ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 5(1) के तहत कार्रवाई करते हुए कंपनी के बैंक खातों में जमा ₹3.70 करोड़ रुपये (लगभग) की राशि को अनंतिम रूप से जब्त (Provisional Attachment) कर लिया है।
ईडी की यह जांच बेंगलुरु के मगडी रोड पुलिस स्टेशन में कंपनी के निदेशकों और अन्य के खिलाफ दर्ज एफआईआर (FIR) के आधार पर शुरू की गई थी।
व्हाट्सएप के जरिए जाल: ₹1,109 में ‘घर बैठे कमाई’ का झांसा
ईडी की जांच में कंपनी के फ्रॉड मॉडल का खुलासा हुआ है:
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मेम्बरशिप मॉडल: कंपनी ने नए सदस्यों को जोड़ने और जनता से धन जुटाने के लिए एक सुनियोजित सदस्यता-आधारित मॉडल (Multi-Level Marketing Style) तैयार किया था।
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व्हाट्सएप और सोशल मीडिया से संपर्क: संभावित शिकारों को व्हाट्सएप और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से संपर्क कर कंपनी के ‘डिजिटल मार्केटिंग और ऐड-व्यूइंग प्रोग्राम’ के बारे में प्रलोभन दिया जाता था।
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₹1,109 की रजिस्ट्रेशन फीस: फ्री रजिस्ट्रेशन का लिंक देने के बाद स्थाई सदस्यता और कमाई कार्यक्रम का हिस्सा बनने के लिए हर सदस्य से जीएसटी (GST) सहित ₹1,109/- की राशि JAA लाइफस्टाइल के बैंक खाते में जमा कराई जाती थी।
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₹4.29 करोड़ की उगाही: इस झांसे में आकर आम जनता ने 06 दिसंबर 2020 से 04 जून 2021 के बीच कंपनी के खाते में लगभग ₹4.29 करोड़ रुपये जमा करा दिए।
कमाई का कोई जरिया नहीं, निदेशकों ने ऐंठ लिए पैसे
पीएमएलए (PMLA) के तहत की गई जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई कि कंपनी द्वारा विज्ञापन देखकर पैसे कमाने की ऐसी कोई वास्तविक सुविधा उपलब्ध ही नहीं कराई गई थी।
जनता से जुटाए गए इन पैसों का इस्तेमाल कोई वास्तविक बिजनेस चलाने के बजाय कंपनी के निदेशकों (Directors) ने अपने निजी खर्चों और व्यक्तिगत फायदों के लिए कर लिया।
ईडी ने ₹3.70 करोड़ रुपये का बैंक बैलेंस सीज कर दिया है और इस रैकेट में शामिल निदेशकों और अन्य सहयोगियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
आर्थिक एवं राष्ट्रीय ब्यूरो: बेंगलुरु / नई दिल्ली
सीनियर एडिटर गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
रिपोर्ट: विशेष जांच एवं क्राइम ब्यूरो, ऑल राइट्स मैगजीन, , दिल्ली


