बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री, महान स्वतंत्रता सेनानी और आधुनिक बिहार के शिल्पकार ‘बिहार केसरी’ डॉ. श्रीकृष्ण सिंह जी की 139वीं जयंती पर आज पटना में आयोजित समारोह का उद्घाटन कर विशाल जनसभा को संबोधित करूँगा।
बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री, महान स्वतंत्रता सेनानी और आधुनिक बिहार के शिल्पकार ‘बिहार केसरी’ डॉ. श्रीकृष्ण सिंह जी की 139वीं जयंती पर आज पटना में आयोजित समारोह का उद्घाटन कर विशाल जनसभा को संबोधित करूँगा।
बिहार की पावन धरती लोकशाही की जन्म भूमि मानी जाती है। श्री बाबू आधुनिक बिहार में लोकतंत्र की बुनियाद को मजबूत करने वाले नायक थे। उन्होंने बिहार में सामाजिक न्याय का नया अध्याय जमींदारी abolish करके और कमजोर तबकों को आगे लाकर किया।
1937 में बिहार में श्रीकृष्ण सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस की पहली सरकार बनी, फिर 1946 में दूसरी सरकार बनी। तब अंग्रेजी राज था और मुख्यमंत्री को प्रीमियर कहा जाता था। भारतीय संविधान के तहत 1952 के पहली विधान सभा के चुनाव से 3 जनवरी, 1961 तक श्रीबाबू बिहार के मुख्यमंत्री रहे।

उनके मुख्यमंत्री काल में जमींदारी का खात्मा, भूमि सुधार और चकबंदी एक्ट बना। बरौनी तेल रिफाइनरी, खाद कारखाना और थर्मल पावर प्लांट बना। सिंदरी खाद कारखाना और पहला Rail cum Road राजेंद्र पुल बना। उनके दौर की कई शानदार परियोजनाएं झारखंड में शान से खड़ी हैं।कई विदेशी अर्थशास्त्रियों ने भी उनके मुख्यमंत्री काल में बिहार को देश का सबसे बेहतर शासित राज्य माना था।
