अभिवादन न करना सिपाही को पड़ा भारी
अनुशासन में चूक: एसपी साउथ को ‘जय हिंद’ न बोलना सिपाही को पड़ा भारी, ट्रेनिंग सेंटर भेजे गए
(बरेली): उत्तर प्रदेश पुलिस में अनुशासन को कितनी गंभीरता से लिया जाता है, इसकी एक बानगी बरेली जिले के आंवला थाने में देखने को मिली। मंगलवार को निरीक्षण के दौरान एक सिपाही द्वारा उच्चाधिकारी का अभिवादन न करना अनुशासनहीनता माना गया, जिसके बाद उसे सुधार के लिए विशेष प्रशिक्षण पर भेज दिया गया है।
क्या था पूरा मामला?
बरेली की एसपी दक्षिणी (SP South) अंशिका वर्मा मंगलवार को वार्षिक निरीक्षण और व्यवस्थाओं का जायजा लेने आंवला थाने पहुँची थीं।
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अभिवादन में लापरवाही: निरीक्षण के दौरान वहां तैनात कांस्टेबल परम सिंह ने सामने होने के बावजूद एसपी को नियमानुसार ‘जय हिंद’ कहकर अभिवादन (Salute) नहीं किया।
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तत्काल कार्रवाई: पुलिस नियमावली के तहत इसे प्रोटोकॉल का उल्लंघन और गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए एसपी अंशिका वर्मा ने मौके पर ही कांस्टेबल के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाया।
15 दिन की विशेष ट्रेनिंग का दंड
अधिकारी के प्रति सम्मान न दिखाने पर एसपी ने कांस्टेबल परम सिंह को दंड स्वरूप 15 दिन के विशेष प्रशिक्षण (Special Training) पर भेजने का निर्देश जारी किया।
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उद्देश्य: इस प्रशिक्षण का उद्देश्य सिपाही को पुलिस बल के प्रोटोकॉल, व्यवहार कुशलता और अनुशासन का पाठ पढ़ाना है।
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महकमे में हड़कंप: एसपी की इस त्वरित कार्रवाई के बाद बरेली पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। जिले के अन्य थानों में भी पुलिसकर्मी अब प्रोटोकॉल को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे हैं।
अनुशासन सर्वोपरि
वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि पुलिस एक अनुशासित बल है, जहाँ पदानुक्रम (Hierarchy) और उच्चाधिकारियों का सम्मान बुनियादी स्तंभ है। अभिवादन न करना केवल व्यक्तिगत चूक नहीं, बल्कि बल की गरिमा के विरुद्ध माना जाता है। यह कार्रवाई अन्य पुलिसकर्मियों के लिए एक कड़ा संदेश है कि कार्यक्षेत्र में अनुशासन के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
रोहिताश कुमार भास्कर
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine

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