नितिन नवीन होंगे भाजपा के नए अध्यक्ष
ऐतिहासिक पल: बिहार के नितिन नवीन होंगे भाजपा के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष, पार्टी इतिहास में रचेंगे सबसे युवा अध्यक्ष का रिकॉर्ड
नई दिल्ली/पटना: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के इतिहास में आज का दिन स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है। बांकीपुर से पांच बार के विधायक और वर्तमान कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन आज दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे। बिहार की राजनीति के लिए यह गौरव का क्षण है क्योंकि राज्य से पहली बार कोई नेता भाजपा की राष्ट्रीय कमान संभालने जा रहा है।
निर्विरोध चुनाव तय: भाजपा के 11वें राष्ट्रीय अध्यक्ष
पार्टी सूत्रों के अनुसार, नितिन नवीन का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय है। यदि कोई अन्य उम्मीदवार मैदान में नहीं आता है, तो चुनावी प्रक्रिया पूरी होते ही उनके नाम की घोषणा कर दी जाएगी। वह जेपी नड्डा का स्थान लेंगे और भाजपा के 11वें पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष बनेंगे।
पार्टी इतिहास के सबसे युवा सारथी
45 वर्षीय नितिन नवीन भाजपा के अब तक के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे। उनका चयन पार्टी के भीतर ‘पीढ़ीगत बदलाव’ और युवा नेतृत्व पर शीर्ष नेतृत्व के भरोसे का प्रतीक है। अटल बिहारी वाजपेयी, अमित शाह और जेपी नड्डा जैसे दिग्गजों की फेहरिस्त में अब बिहार के इस युवा चेहरे का नाम जुड़ने जा रहा है।
नामांकन का कार्यक्रम (आज):
-
दोपहर 2 से 4 बजे: नामांकन पत्र दाखिल करने का समय।
-
शाम 4 से 5 बजे: नामांकन पत्रों की जांच।
-
शाम 5 से 6 बजे: नाम वापसी का समय।
-
घोषणा: एकमात्र वैध नामांकन होने पर आज ही निर्वाचन की घोषणा संभव है, हालांकि औपचारिक ऐलान 20 जनवरी को किया जाएगा।
कौन हैं नितिन नवीन?
दिवंगत भाजपा नेता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के पुत्र नितिन नवीन ने छात्र राजनीति से अपना सफर शुरू किया था।
-
पांच बार के विधायक: पटना की बांकीपुर सीट से लगातार 5 बार चुनाव जीतकर उन्होंने अपनी जमीनी पकड़ साबित की है।
-
मंत्री पद का त्याग: वे बिहार सरकार में मंत्री रह चुके हैं, लेकिन जब उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली, तो उन्होंने संगठन को प्राथमिकता देते हुए मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।
-
अनुभवी संगठनकर्ता: संगठन और सरकार, दोनों स्तरों पर उनका ट्रैक रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है।
बिहार के लिए गौरव, देश के लिए नया विजन
नितिन नवीन की ताजपोशी बिहार से दिल्ली तक सत्ता की एक नई धुरी तैयार करेगी। आगामी राज्यों के विधानसभा चुनावों और संगठन को नई ऊर्जा देने की जिम्मेदारी अब एक ऐसे युवा के कंधों पर होगी जो जमीनी हकीकत और आधुनिक राजनीति, दोनों का संगम है।
निष्कर्ष: नितिन नवीन का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना यह संदेश देता है कि भाजपा में एक सामान्य कार्यकर्ता भी अपनी मेहनत और निष्ठा के बल पर सर्वोच्च पद तक पहुँच सकता है। बिहार के लिए यह गर्व का विषय है कि देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी का नेतृत्व अब उनके प्रदेश का बेटा करेगा।
आपकी राय: क्या नितिन नवीन के नेतृत्व में भाजपा युवाओं के बीच अपनी पकड़ और मजबूत कर पाएगी? अपनी प्रतिक्रिया कमेंट बॉक्स में साझा करें।

