NITI आयोग की रिपोर्ट: 8.7 करोड़ युवा NEET
NITI आयोग की रिपोर्ट: 15–29 आयु वर्ग के 8.7 करोड़ युवा शिक्षा, रोजगार या कौशल प्रशिक्षण से बाहर
नीति आयोग (NITI Aayog) की नई रिपोर्ट “Reimagining Skilling for Viksit Bharat@2047” के अनुसार देश में 15 से 29 वर्ष के आयु वर्ग के लगभग 8.7 करोड़ युवा NEET (Not in Education, Employment, or Training) श्रेणी में आते हैं। इसका अर्थ यह है कि ये युवा वर्तमान में न तो किसी शैक्षणिक संस्थान में पढ़ रहे हैं, न ही किसी नौकरी में हैं और न ही कोई कौशल प्रशिक्षण ले रहे हैं।
यह आंकड़े राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण (NSS) के 78वें दौर के डेटा पर आधारित हैं, जो देश के कार्यबल और कौशल विकास की स्थिति को उजागर करते हैं।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदु
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योग्यता और रोजगार में असंतुलन: रिपोर्ट में सामने आया है कि केवल 8.25% स्नातक (Graduates) ही ऐसे रोजगार में लगे हैं जो उनकी शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप है। यह पारंपरिक डिग्रियों और उद्योग की वास्तविक जरूरतों के बीच बड़े अंतर को दर्शाता है।
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आर्थिक और लागत संबंधी बाधाएं: कम आय वाले परिवारों के युवाओं के लिए अतिरिक्त सशुल्क (paid) वोकेशनल ट्रेनिंग लेना आर्थिक रूप से कठिन होता है, क्योंकि वे पहले ही अपनी शिक्षा पर लागत लगा चुके होते हैं।
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लैंगिक असमानता: घरेलू जिम्मेदारियों, सुरक्षा चिंताओं और स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण की सीमित पहुंच के कारण NEET समूह में महिलाओं की संख्या का बड़ा हिस्सा शामिल है।
प्रमुख सुझाव और सिफारिशें
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स्कूली शिक्षा में सुधार: कक्षा 6 से सामान्य रोजगार और उद्यमिता कौशल (General Employability & Entrepreneurship Skills) तथा कक्षा 9 से विशेष ‘कौशल ट्रैक’ (Kaushal Tracks) शुरू करने का सुझाव दिया गया है।
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उच्च शिक्षा का पुनर्गठन: व्यावहारिक एवं उद्योग-आधारित डिग्रियों, अप्रेंटिसशिप (Apprenticeship) और ‘कमाते हुए सीखें’ (Earn-While-You-Learn) मॉडल्स को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया गया है।
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कौशल प्रशिक्षण का विस्तार: ग्रीन एनर्जी, ईवी (EV) और नए उभरते क्षेत्रों में एमएसएमई (MSME) को प्रोत्साहित कर स्थानीय स्तर पर अप्रेंटिसशिप के अवसरों का विस्तार करना।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

