58.70 करोड़ खाते, ₹3.10 लाख करोड़ जमा
जन-धन योजना बनी आर्थिक सशक्तिकरण की ढाल: 58.70 करोड़ खातों में जमा हुए ₹3.10 लाख करोड़ से अधिक
नई दिल्ली: देश के आम और अंतिम व्यक्ति को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘प्रधानमंत्री जन-धन योजना’ (PMJDY) आज भारत की आर्थिक सुदृढ़ता का सबसे बड़ा स्तंभ बन चुकी है। कभी ‘छोटे खाते’ समझे जाने वाले ये बैंक खाते आज देश की अर्थव्यवस्था की सबसे मजबूत नींव साबित हो रहे हैं।
58.70 करोड़ खातों के साथ बना नया रिकॉर्ड ताजा आंकड़ों के अनुसार, जन-धन योजना के तहत देश भर में 58.70 करोड़ से अधिक खाते खोले जा चुके हैं। इन खातों में कुल जमा राशि ₹3.10 लाख करोड़ से अधिक हो गई है। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि देश के ग्रामीण और गरीब तबके ने अपनी छोटी-छोटी बचतों के माध्यम से देश के वित्तीय भंडार को एक विशाल आकार दिया है।
डीबीटी और महिला सशक्तिकरण का बना आधार जन-धन खातों ने देश में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) की व्यवस्था को पारदर्शी और सीधा बनाया है, जिससे सरकारी योजनाओं का पैसा बिना किसी बिचौलिए के सीधे लाभार्थियों तक पहुँच रहा है। इसके साथ ही, इन खातों में आधी से अधिक हिस्सेदारी महिलाओं की है, जिसने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा दी है।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

