नागपुर: गडकरी आवास पर यूथ कांग्रेस
E20 पेट्रोल नीति के विरोध में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के नागपुर आवास का घेराव; यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हंगामा, कई हिरासत में
विशेष राष्ट्रीय एवं राजनीतिक ब्यूरो: नागपुर / नई दिल्ली
केंद्र सरकार द्वारा देशभर में लागू की गई E20 (20% इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल) नीति को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। सोमवार (03 अगस्त 2026) को महाराष्ट्र यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने नागपुर स्थित केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के निजी आवास की ओर मार्च निकाला और घेराव का प्रयास किया।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और केंद्रीय मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और E20 ईंधन नीति को तत्काल वापस लेने की मांग की।
बैरिकेड तोड़ आगे बढ़ने की कोशिश, पुलिस ने कई नेताओं को लिया हिरासत में
चितनवीस पार्क स्क्वायर से शुरू हुआ यह विरोध मार्च जैसे ही महाल क्षेत्र स्थित नितिन गडकरी के आवास के करीब पहुंचा, वहां भारी पुलिस बल ने बैरिकेड्स लगाकर रास्ते को बंद कर दिया:
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पुलिस से धक्का-मुक्की: विरोध जता रहे युवाओं ने बैरिकेड्स पर चढ़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया।
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दर्जनों हिरासत में: स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कार्रवाई करते हुए यूथ कांग्रेस के प्रदेश व स्थानीय स्तर के कई पदाधिकारियों को हिरासत में ले लिया।
“E20 ईंधन से गाड़ियों को नुकसान, नीति में हो पारदर्शिता” — विपक्ष का आरोप
प्रदर्शनकारी नेताओं ने आरोप लगाया कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से पुरानी (2023 से पहले की) गाड़ियों के इंजन खराब हो रहे हैं और माइलेज में भी गिरावट आ रही है।
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निजी हितों के पोषण का आरोप: यूथ कांग्रेस ने आरोप लगाया कि ईंधन नीति का लाभ आम जनता और वाहन चालकों के बजाय इथेनॉल उत्पादक निजी कंपनियों को पहुंचाया जा रहा है।
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संसद के जवाब से असंतोष: कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश और अन्य नेताओं ने दावा किया कि 29 जुलाई को संसद में केंद्रीय मंत्री द्वारा दिए गए बयान ने समस्याओं का समाधान करने के बजाय और भ्रम पैदा कर दिया है।
सरकार और गडकरी का रुख
उल्लेखनीय है कि E20 ईंधन को लेकर फैलाए जा रहे दावों और सोशल मीडिया पर आ रही भ्रामक खबरों के खिलाफ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में बॉम्बे हाई कोर्ट में सिविल सूट भी दायर किया है। सरकार का तर्क है कि E20 ईंधन का परीक्षण वैज्ञानिक मानकों के आधार पर किया गया है और यह हरित ऊर्जा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
ऑल Rights मैगज़ीन (डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क)
सीनियर एडिटर गोपाल चन्द्र अग्रवाल

