ISRO की बड़ी कामयाबी: GSLV-F17 मिशन सफल
ISRO की एक और ऐतिहासिक कामयाबी: GSLV-F17/EOS-05 मिशन का सफल प्रक्षेपण, भारत का अंतरिक्ष सफर नई ऊंचाइयों पर
श्रीहरिकोटा/नई दिल्ली: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने एक बार फिर अपनी तकनीकी महारत का लोहा मनवाते हुए अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में इतिहास रच दिया है। इसरो ने अपने भरोसेमंद और भारी-भरकम रॉकेट GSLV-F17 के जरिए पृथ्वी अवलोकन उपग्रह EOS-05 को उसकी निर्धारित कक्षा (Orbit) में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया है। इस शानदार सफलता के साथ ही भारत ने अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और उपग्रह आधारित निगरानी के क्षेत्र में अपनी स्थिति को और अधिक मजबूत कर लिया है।
EOS-05: आपदा प्रबंधन और कृषि क्षेत्र में साबित होगा मील का पत्थर अंतरिक्ष में भेजा गया EOS-05 (Earth Observation Satellite) एक अत्याधुनिक अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट है। यह उपग्रह उच्च रिज़ॉल्यूशन वाली तस्वीरें और डेटा भेजने में सक्षम है, जो देश के लिए कई मायनों में गेम-चेंजर साबित होगा:
-
आपदा प्रबंधन: बाढ़, चक्रवात और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की सटीक और पूर्व सूचना प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
-
कृषि एवं वानिकी: देश में फसलों की स्थिति, मिट्टी की नमी और जंगलों की निगरानी को सटीक बनाया जा सकेगा।
-
पर्यावरण व जल संसाधन: नदियों, झीलों और तटीय क्षेत्रों में हो रहे बदलावों पर नजर रखने में यह अहम भूमिका निभाएगा।
पूरे देश में जश्न का माहौल; शीर्ष नेतृत्व ने दी बधाई GSLV-F17/EOS-05 मिशन के सफल प्रक्षेपण के बाद पूरे देश में गर्व और उत्साह का माहौल है। वैज्ञानिकों की दिन-रात की कड़ी मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए देश के शीर्ष नेतृत्व और आम नागरिकों ने इसरो की पूरी टीम को बधाई प्रेषित की है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसरो की यह निरंतर सफलता ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को मजबूत करने के साथ-साथ आने वाले भविष्य के जटिल अंतरिक्ष मिशनों के लिए नए द्वार खोलेगी।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

- श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर उप मुख्यमंत्री का संदेश!
https://wp.me/p9lpiM-OB1मजदूरों के लिए नई मुआवज़ा नीति जल्द
