महिला पत्रकारों से अभद्रता: साकेत थाने पर प्रदर्शन
साकेत थाने के बाहर यूथ कांग्रेस का आधी रात को प्रदर्शन: महिला पत्रकारों से अभद्रता के मामले में पुलिसकर्मियों पर FIR की मांग
नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में पुलिस की कार्यशैली और पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय युवा कांग्रेस (Youth Congress) के कार्यकर्ताओं ने साकेत थाने के बाहर आधी रात को जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी महिला पत्रकार शाहीन और नफीसा के साथ कथित तौर पर हुई मारपीट और बदसलूकी के मामले में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग कर रहे हैं।
‘छात्र और पत्रकार पुलिस के निशाने पर’: विपक्षी नेताओं का गृह मंत्रालय पर तीखा हमला इस पूरी घटना को लेकर विपक्षी दलों ने सीधे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। नेताओं का आरोप है कि दिल्ली पुलिस की प्राथमिकताएं बदल चुकी हैं और वह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ तथा सवाल पूछने वाले नागरिकों को दबाने का काम कर रही है। विपक्ष का कहना है कि चाहे छात्र हों या निर्भीक पत्रकार, सरकार से सवाल पूछने वाले हर व्यक्ति को निशाना बनाया जा रहा है।
थाने के बाहर डटे रहे कार्यकर्ता; ‘देश की बेटियों को न्याय दो’ के लगे नारे घटना की सूचना मिलते ही यूथ कांग्रेस के दर्जनों कार्यकर्ता साकेत पुलिस स्टेशन के बाहर जमा हो गए और देर रात तक धरने पर बैठे रहे। प्रदर्शनकारियों ने पीड़ितों के प्रति एकजुटता दिखाते हुए “देश की बेटियों को न्याय दो” के नारे लगाए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का स्पष्ट कहना है कि जब तक आरोपी पुलिसकर्मियों पर अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका यह संघर्ष जारी रहेगा। पुलिस प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

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