दिल्ली स्वास्थ्य विभाग में बड़ा घोटाला
दिल्ली हेल्थ स्कैम: ₹700 करोड़ के महाघोटाले और मेडिकल सामानों की ओवर-प्राइसिंग का सनसनीखेज खुलासा
नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली के स्वास्थ्य महकमे (Health Department) से एक बेहद चौंकाने वाली और बड़ी खबर सामने आ रही है। सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में इन दिनों ‘द राजनीति’ और ‘प्रवीण साहनी शो’ की एक ग्राउंड रिपोर्ट तेजी से चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसमें दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के भीतर पिछले एक साल में हुए करीब ₹700 करोड़ रुपये के कथित स्वास्थ्य घोटाले (Delhi Health Scam) का भंडाफोड़ किया गया है।
इस रिपोर्ट में सरकारी सिस्टम की मिलीभगत से टैक्सपेयर्स के पैसों पर डाले गए बड़े डाके और मेडिकल फ्रॉड के उन पहलुओं को उजागर किया गया है, जिनकी मुख्यधारा की मीडिया में अब तक कम चर्चा हुई है।
10 लाख की मशीन 33 लाख में! सामानों की खरीद में भारी हेरफेर
वायरल वीडियो और प्रशासनिक ऑडिट रिपोर्ट्स के विश्लेषण में सरकारी धन के दुरुपयोग और ओवर-प्राइसिंग के कई गंभीर और हैरान करने वाले आंकड़े सामने आए हैं:
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पोर्टेबल एक्स-रे मशीन: जो पोर्टेबल एक्स-रे मशीन बाजार में सामान्यतः ₹10 लाख रुपये के आसपास उपलब्ध होती है, उसे सरकारी कागजों में कथित तौर पर ₹33 लाख रुपये की भारी-भरकम कीमत पर खरीदा हुआ दिखाया गया है।
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अस्पताल की चादरें: अस्पतालों के मरीजों के लिए इस्तेमाल होने वाली महज ₹150 रुपये मूल्य की चादरों को ₹450 रुपये की बढ़ी हुई कीमत पर बिलिंग की गई है।
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ORS पैकेट में खेल: सबसे चौंकाने वाला मामला ओआरएस (ORS) के पैकेट्स की खरीद में सामने आया है, जहां महज ढाई रुपये (₹2.5) के एक पैकेट को ₹15 रुपये की कीमत पर दिखाकर सरकारी खजाने को सीधे तौर पर चपत लगाई गई है।
नीरज चोपड़ा (अकाउंट्स विभाग) और सरकारी तंत्र की भूमिका पर सवाल
इस पूरे ₹700 करोड़ के मेडिकल फ्रॉड और सार्वजनिक धन के हेरफेर (Embezzlement of Government Funds) में विभाग के आंतरिक वित्तीय प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
रिपोर्ट के विश्लेषण में नीरज चोपड़ा के अकाउंट्स एंड फाइनेंस डिपार्टमेंट की संदिग्ध भूमिका को विस्तार से रेखांकित किया गया है। सवाल उठाया जा रहा है कि ऑडिट और फाइनेंस विभाग की नाक के नीचे इतने लंबे समय तक बिना किसी रोक-टोक के यह ओवर-प्राइसिंग और फर्जी बिलिंग का खेल कैसे चलता रहा?
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल, जांच की मांग तेज
इस बड़े खुलासे के बाद दिल्ली नगर निगम की नेता रेखा गुप्ता सहित कई विपक्षी नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस मामले को लेकर सरकार और स्वास्थ्य विभाग को आड़े हाथों लिया है। सोशल मीडिया पर भी #CorruptionIndia और #HealthDepartment जैसे हैशटैग्स ट्रेंड कर रहे हैं।
स्थानीय निवासियों और जागरूक नागरिकों का कहना है कि आम जनता की गाढ़ी कमाई से दिए गए टैक्स के पैसे को इस तरह स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर लूटना बेहद शर्मनाक है। इस पूरे सिंडिकेट और घोटाले की तह तक जाने के लिए उच्च स्तरीय जांच एजेंसियों द्वारा निष्पक्ष जांच समय की मांग है।
मेटी के पदाधिकारियों ने इस पावन पर्व पर सभी देशवासियों और स्थानीय संगत को गुरु हरकिशन साहिब जी के प्रकाश पर्व की लख-लख बधाइयां दीं और उनके बताए मानवता व सेवा के मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
(एडिटर (Allrights Magazine)

बरेली: गुरु हरकिशन जी का प्रकाश पर्व!
