फॉक्स न्यूज का बड़ा खुलासा: 9 देशों के 101 संगठनों के ‘रिजीम चेंज’ नेटवर्क का पर्दाफाश; सोनिया-राहुल गांधी की ‘प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल’ से मुलाकात पर घिरी कांग्रेस
“फॉक्स न्यूज की सनसनीखेज रिपोर्ट का खुलासा: 9 देशों के 101 संगठनों का ग्लोबल नेटवर्क और ‘रिजीम चेंज’ का एजेंडा”
विशेष अंतर्राष्ट्रीय कूटनीतिक एवं राष्ट्रीय सुरक्षा रिपोर्ट (ऑल RIGHTs मैगजीन)
नई दिल्ली: अमेरिकी समाचार चैनल फॉक्स न्यूज (Fox News) की हालिया खोजी जांच रिपोर्ट में भारत और फ्रांस सहित कई देशों में हाल में हुए विरोध प्रदर्शनों और हिंसक असंतोष के पीछे एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का चौंकाने वाला खुलासा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, 9 देशों में फैले लगभग 101 संगठनों का एक वैश्विक तंत्र काम कर रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न लोकतांत्रिक देशों में सड़कों पर अराजकता फैलाकर सत्ता परिवर्तन (Regime Change) का माहौल तैयार करना है।
इस वैश्विक नेटवर्क का पर्दाफाश होने के बाद भारतीय राजनीति में भी भारी भूचाल आ गया है, जहाँ मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस और उसके शीर्ष नेतृत्व की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
1. फॉक्स न्यूज की जांच: क्या है ‘ग्लोबल केओस नेटवर्क’?
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101 संगठनों का गठजोड़: फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वामपंथी, कम्युनिस्ट और चरमपंथी/इस्लामिक रुझान वाले संगठनों ने मिलकर एक साझा तंत्र बनाया है।
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फ्रांस और भारत के प्रदर्शनों में समानता: रिपोर्ट में रेखांकित किया गया है कि फ्रांस में हाल ही में हुए हिंसक दंगों और भारत में विभिन्न मुद्दों को लेकर भड़काए गए विरोध प्रदर्शनों के पीछे एक ही तरह की रणनीतियों, टूलकिट और फंडिंग तंत्र का इस्तेमाल किया गया।
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सत्ता परिवर्तन (‘Regime Change’) का लक्ष्य: रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि यह नेटवर्क सीधे चुनावों के बजाय सड़कों पर हिंसा, विरोध और भ्रम का माहौल पैदा करके चुनी हुई सरकारों को अस्थिर करने का वैश्विक एजेंडा चला रहा है।
2. सोनिया और राहुल गांधी की ‘प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल’ से मुलाकात पर उठे सवाल
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10 अप्रैल, 2025 की वो मुलाकात: फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद 10 अप्रैल, 2025 को 10 जनपथ (नई दिल्ली) में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी की ‘प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल’ (Progressive International) के प्रतिनिधियों के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक फिर से चर्चा में आ गई है।
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भाजपा का तीखा हमला: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस रिपोर्ट के आधार पर कांग्रेस नेतृत्व से तीखे सवाल पूछे हैं। भाजपा प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया है कि जब ‘प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल’ का नाम ऐसे वैश्विक नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है जो देशों में अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहा है, तो कांग्रेस का इस संगठन के साथ संवाद स्थापित करना राष्ट्रीय सुरक्षा और लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ है।
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कांग्रेस का रुख: दूसरी ओर, विपक्ष ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित करार दिया है और कहा है कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात करना एक सामान्य कूटनीतिक व राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
3. ‘ऑल RIGHTs मैगजीन’ का दृष्टिकोण: राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता सर्वोपरि
किसी भी संप्रभु और लोकतांत्रिक देश के लिए बाह्य शक्तियों या अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का आंतरिक राजनीति और प्रदर्शनों में हस्तक्षेप एक अत्यंत गंभीर विषय है। लोकतंत्र में विरोध-प्रदर्शन जनता का अधिकार है, लेकिन यदि इसके पीछे विदेशी एजेंडे और ‘रिजीम चेंज’ की साजिशें शामिल हों, तो यह सीधे तौर पर देश की अखंडता और आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा बन जाता है।
‘ऑल RIGHTs मैगजीन’ देश की सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय साजिशों और राजनीतिक हलचलों से जुड़ी हर खबर को पूरी प्रमुखता और निष्पक्षता के साथ अपने पाठकों तक पहुँचाती है।

