उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्या का बरेली स्थित 5 एकड़ का फार्म हाउस अवैध घोषित: नक्शा पास कराए बिना हुआ निर्माण; पति से विवाद के बाद 110 करोड़ के शेयर और शेल कंपनी का भंडाफोड़
“बरेली में उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्या का 5 एकड़ का फार्म हाउस निकला अवैध: बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण, 110 करोड़ के शेयर और पारिवारिक विवाद से खुला राज”
विशेष खोजी एवं प्रशासनिक रिपोर्ट (ऑल RIGHTs मैगजीन)
बरेली / देहरादून: उत्तराखंड सरकार में बाल विकास एवं महिला सशक्तीकरण मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के बीच गहराया पारिवारिक विवाद अब बेनामी संपत्तियों, अवैध निर्माण और कॉरपोरेट धोखाधड़ी के बड़े विवाद में बदल गया है। बरेली-सीतापुर हाईवे के लालपुर गांव में स्थित मंत्री का लगभग पांच एकड़ (12 हजार वर्गमीटर) में फैला आलीशान फार्म हाउस बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) की जांच में अवैध पाया गया है, जिसका कोई मानचित्र स्वीकृत नहीं था।
15 अक्टूबर को मंत्री रेखा आर्या द्वारा पति पप्पू गिरधारी के खिलाफ उत्पीड़न की प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने के बाद जब पुलिस और बीडीए की टीमों ने जांच शुरू की, तो इस अवैध साम्राज्य और शेल कंपनियों के नेटवर्क की परतें उधड़नी शुरू हुईं।
1. अवैध निर्माण और शमनित मानचित्र (Compounding) का पेंच
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बिना नक्शे के बना फार्म हाउस: बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) के अधिकारियों के अनुसार, लालपुर गांव में बने इस 5 एकड़ के फार्म हाउस का मूल मानचित्र कभी मंजूर ही नहीं कराया गया था। बरेली प्रवास के दौरान मंत्री रेखा आर्या इसी फार्म हाउस में ठहरती थीं।
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2024 और 2025 का आवेदन: इस अवैध निर्माण को वैध (कंपाउंड) कराने के लिए वर्ष 2024 में ‘मैसर्स कृष्णा-वैष्णवी प्राइवेट लिमिटेड’ की ओर से अर्जी दी गई थी, जिसमें कमियां पाए जाने पर उसे निरस्त कर नए बायलॉज के तहत दोबारा आवेदन करने को कहा गया था। वर्ष 2025 में डाली गई नई कंपाउंडिंग अर्जी फिलहाल लंबित है और जांच के दायरे में है।
2. 110 करोड़ के शेयर, फर्जी हस्ताक्षर और शेल कंपनी का खेल
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पर्दे के पीछे का खेल: सूत्रों और जांच के मुताबिक, पप्पू गिरधारी अपना रियल एस्टेट कारोबार ‘मैसर्स कृष्णा-वैष्णवी प्राइवेट लिमिटेड’ के नाम से चलाता था। खुद पर्दे के पीछे रहकर उसने अपनी पत्नी रेखा आर्या और भतीजे सतेंद्र राठौर को कंपनी का डायरेक्टर बनाया था।
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110 करोड़ रुपये के शेयर: पति पप्पू गिरधारी ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि कंपनी में रेखा आर्या के नाम 110 करोड़ रुपये के शेयर थे। चुनाव करीब आते देख उन्होंने फरवरी में कंपनी के डायरेक्टर पद से दूरी बनाई और बाद में फर्जी हस्ताक्षर के जरिए इस्तीफा दर्शाने का आरोप लगाया।
3. ‘ऑल RIGHTs मैगजीन’ का दृष्टिकोण: राजनीतिक रसूख और प्रशासनिक जवाबदेही
यह मामला सिर्फ पति-पत्नी के आपसी विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि कैसे सत्ता और राजनीतिक पद का इस्तेमाल करके बिना स्वीकृत नक्शे के 5 एकड़ में आलीशान अवैध निर्माण खड़ा कर लिया जाता है और प्रशासनिक निकाय (BDA) वर्षों तक खामोश रहते हैं। जब तक पारिवारिक झगड़ा सड़क पर नहीं आया, तब तक किसी प्राधिकरण को 110 करोड़ की कंपनी और 5 एकड़ के अवैध फार्म हाउस की खबर तक नहीं लगी।
‘ऑल RIGHTs मैगजीन’ जनहित, प्रशासनिक जवाबदेही और भ्रष्टाचार से जुड़े इस पूरे मामले पर अपनी पैनी नजर बनाए रखेगी।
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क्या आप बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) द्वारा इस अवैध फार्म हाउस पर चलाए जाने वाले संभावित बुलडोजर/सील कार्रवाई की अपडेट चाहते हैं?
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क्या आप मैसर्स कृष्णा-वैष्णवी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के वित्तीय लेन-देन और 110 करोड़ के शेयर मामले में जारी जांच की विस्तृत रिपोर्ट देखना चाहते हैं?
