गोरखपुर के बहुचर्चित दीपक गुप्ता हत्याकांड में यूपी एसटीएफ को बड़ी कामयाबी: वांछित पशु तस्कर जैद रामपुर से गिरफ्तार
“गोरखपुर के चर्चित हत्याकांड में यूपी एसटीएफ को बड़ी सफलता: पशु तस्करों द्वारा दीपक गुप्ता की हत्या में वांछित अभियुक्त जैद रामपुर से गिरफ्तार”
विशेष रिपोर्ट: अपराध एवं कानून व्यवस्था (ऑल राइट्स मैगजीन)
गोरखपुर/रामपुर/लखनऊ: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने जनपद गोरखपुर के थाना पिपराईच क्षेत्र में हुई चर्चित दीपक गुप्ता हत्याकाण्ड में संलिप्त एक और शातिर व वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार करने में भारी सफलता हासिल की है। पशु तस्करी के दौरान अंजाम दी गई इस सनसनीखेज वारदात में लंबे समय से फरार चल रहा गोवंश तस्कर गिरोह का सक्रिय सदस्य जैद अली उर्फ जैद कुरैशी को उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले से दबोच लिया गया।
1. क्या था पूरा मामला और हत्या की पृष्ठभूमि?
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घटना का विवरण: दिनांक 15/16 सितंबर 2025 की रात्रि में पशु तस्करों द्वारा पिकअप वाहन से स्कूटी सवार दीपक गुप्ता को टक्कर मारकर गिरा दिया गया था। इसके बाद बदमाशों ने उनका अपहरण कर लिया, रास्ते में उनके साथ मारपीट की और अंततः मेडिकल कॉलेज रोड पर दीपक गुप्ता की हत्या कर उनके शव को फेंक दिया था।
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दर्ज मुकदमे: इस मामले में थाना पिपराईच (जनपद गोरखपुर) में मु0अ0सं0-705/2025 के तहत BNS की गंभीर धाराओं (धारा 103(1), 140(1), 312, 109, 115(2), 125, 3(5), 61(2), 238) के साथ-साथ गोवध निवारण अधिनियम (3/5ए/8) और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम (धारा 11) के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया था।
2. एसटीएफ की छापेमारी और गिरफ्तारी
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खुलासा और सूचना: इस मामले की विवेचना श्री धर्मेश कुमार शाही के पर्यवेक्षण में निरीक्षक श्री सत्य प्रकाश सिंह द्वारा की जा रही थी। एसटीएफ की टीम (जिसमें उ0नि0 विनायक सिंह, मु0आ0 अभिलाष कुमार तिवारी और विनय कुमार सिंह शामिल रहे) लगातार अभिसूचना संकलन में जुटी थी।
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गिरफ्तारी का स्थान व समय: दिनांक 08 अक्टूबर 2026 को समय लगभग 13:30 बजे मुखबिर की सटीक सूचना पर एसटीएफ टीम ने वांछित अभियुक्त जैद अली उर्फ जैद कुरैशी (पुत्र फिरासत अली, निवासी- घेर मर्दान खां, थाना कोतवाली, जनपद रामपुर) को उसके पैतृक गांव के बाहर से गिरफ्तार कर लिया।
3. पूछताछ में हुए बड़े खुलासे और आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार अभियुक्त जैद ने पूछताछ के दौरान बताया कि वह और उसका पूरा परिवार लंबे समय से गोवध के लिए गोवंशीय पशुओं की तस्करी के अवैध धंधे में संलिप्त रहा है। उसका नेटवर्क उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार के गोपालगंज (अहिरौली दुबौली तकिया टोला, थाना गोपालपुर) और सिवान (करबला, थाना बड़हरिया) तक फैला हुआ था, जहां वह नवाब नूर, जुबैर और उबैद जैसे तस्करों के संपर्क में था।
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गिरोह का कारनामा: पूछताछ में यह बात सामने आई कि जैद का मुख्य काम गोवंशों की तस्करी के लिए सेकेंड हैंड पिकअप वाहन खरीदकर उपलब्ध कराना था। जब गिरोह के सदस्यों को यह पता चला कि गोरखपुर में कुछ लोग उनकी तस्करी के अवैध कार्यों में रोक-टोक और बाधा उत्पन्न कर रहे हैं, तब उन्होंने उन लोगों को सबक सिखाने की आपराधिक साजिश रची थी, जिसके तहत दीपक गुप्ता का अपहरण कर उनकी हत्या कर दी गई।
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पूर्व में हुई गिरफ्तारियां व बरामदगी: इस घटना से जुड़े अन्य आरोपियों की धरपकड़ के क्रम में पूर्व में दिनांक 08 अप्रैल 2026 को अभियुक्त शिवम तिवारी (निवासी- पश्चिमी चंपारण, बिहार) को एक सफेद रंग की महिंद्रा पिकअप (नंबर- UP57BT3599) के साथ गिरफ्तार किया जा चुका है।
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गंभीर आपराधिक इतिहास: गिरफ्तार अभियुक्त जैद का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है, जिसके खिलाफ रामपुर के विभिन्न थानों (गंज और कोतवाली) में पशु क्रूरता अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट (धारा 3(1) गैंगस्टर एक्ट), धोखाधड़ी (धारा 420, 467, 468, 471 भादवि) और मारपीट के आधा दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
उत्तर प्रदेश एसटीएफ और स्थानीय पुलिस इस अंतरराज्यीय पशु तस्कर गिरोह के बाकी बचे अन्य गुर्गों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
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