मथुरा में ‘चमेट’ एप रैकेट का पर्दाफाश: अवैध वित्तीय लेनदेन और ऑनलाइन गेमिंग के मास्टरमाइंड समेत तीन गिरफ्तार, विदेशी फंडिंग का खुलासा
“मथुरा में यूपी एसटीएफ का बड़ा खुलासा: ‘चमेट’ (Chamet) एप के जरिए अवैध वित्तीय गतिविधियों और ऑनलाइन गेमिंग रैकेट का पर्दाफाश, मास्टरमाइंड समेत तीन गिरफ्तार”
विशेष रिपोर्ट: साइबर अपराध एवं कानून व्यवस्था (ऑल राइट्स मैगजीन)
मथुरा/लखनऊ: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने ऑनलाइन गेमिंग, वीडियो कॉलिंग और लाइव होस्टिंग एप “चमेट” (Chamet) (वर्तमान में ‘चिलचैट’ नाम से सक्रिय) के माध्यम से अवैध वित्तीय लेनदेन और अश्लील सामग्री परोसने वाले एक संगठित अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। एसटीएफ मुख्यालय स्थित साइबर टीम और मथुरा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गिरोह के मास्टरमाइंड सहित तीन शातिर सदस्यों को जनपद मथुरा से गिरफ्तार किया गया है।
1. गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण
मथुरा जिले से धरे गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:
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प्रवीन कुमार उर्फ प्रकाश (पुत्र प्रहलाद सिंह, निवासी- सिहोरा, थाना यमुनापार, मथुरा) – गिरोह का मास्टरमाइंड।
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विपिन कुमार (पुत्र रामवीर सिंह, निवासी- प्रीती विहार कॉलोनी, लक्ष्मी नगर, थाना यमुनापार, मथुरा)।
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अर्जुन दिवाकर (पुत्र स्व० बेनीराम, निवासी- मालीपाड़ा, धौली प्याऊ, थाना हाईवे, मथुरा)।
2. भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण व दस्तावेज बरामद
अभियुक्त अर्जुन दिवाकर के मोतीकुंज (थाना हाईवे) स्थित कार्यालय पर की गई छापेमारी के दौरान पुलिस ने निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
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07 अदद स्मार्ट मोबाइल फोन
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01 अदद सीपीयू
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03 अदद बैंक चेकबुक और 01 पासबुक
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03 अदद डेबिट कार्ड
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एप से संबंधित साक्ष्यों के 58 स्क्रीनशॉट प्रिंटआउट
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एक फोर्ड कार (नंबर- UP 85 DD 9194)
3. कैसे काम करता था यह अवैध सिंडिकेट? (पूछताछ में हुए खुलासे)
मुख्य सरगना प्रवीन कुमार ने पूछताछ में बताया कि वर्ष 2023 में उसकी मुलाकात एक हैकर से हुई थी, जिसने उसे ‘चमेट’ एप पर फर्जी आईडी बनाने और अपनी पहचान छिपाकर काम करने का तरीका बताया था:
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फर्जी आईडी और लाइव होस्टिंग: आरोपी युवतियों के फर्जी फोटो लगाकर चमेट (अब ‘चिलचैट’) एप पर आईडी तैयार करते थे। इसके लिए उन्होंने कार्यालय किराए पर लेकर युवतियों को 12 से 15 हजार रुपये मासिक वेतन पर रख रखा था।
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विदेशी संस्थाओं से फंडिंग: यह गिरोह ‘Fuliao Hong Kong Limited’ जैसी विदेशी संस्थाओं से भुगतान प्राप्त करता था, जिससे अवैध धन को वैध लेन-देन के रूप में दिखाया जाता था।
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गेमिंग और कॉलिंग का जाल: इस एप के माध्यम से कलर प्रेडिक्शन, कार रेसिंग, लकी बॉल जैसे ऑनलाइन गेमिंग/गैम्बलिंग के साथ-साथ पेड वीडियो कॉलिंग का अवैध नेटवर्क चलाया जाता था, जिससे लोग इसके आदी हो जाते थे।
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बैंक खातों का दुरुपयोग: कॉइन और डॉलर के रूप में मिलने वाले कमीशन के रुपयों को ऐप के जरिए प्रवीन, विपिन और अन्य सहयोगियों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता था, जिससे करोड़ों रुपये की अवैध कमाई की गई।
4. दर्ज मुकदमा और विधिक कार्रवाई
गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ थाना हाईवे, जनपद मथुरा में मु0अ0सं0 990/2026, धारा 112, 318(4), 319(2), 3(5) BNS, 66D/67 IT Act तथा प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट 2025 की धाराओं (धारा 5, 6, 7, 9) के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। एसटीएफ द्वारा बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का फॉरेसिंक परीक्षण कराया जा रहा है तथा गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
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