मधेपुरा जनजातीय गरिमा उत्सव कैंप संपन्न
बिहार: मधेपुरा डीएम अभिषेक रंजन की अनूठी पहल; 38 आदिवासी टोलों में लगा कैंप, 153 आवेदनों का ऑन-द-स्पॉट निपटारा
“सबसे दूर, सबसे पहले…” इसी सेवा-भाव और शासन के मूल मंत्र के साथ मधेपुरा जिला प्रशासन समाज के अंतिम पायदान पर खड़े आदिवासी समाज के द्वारे तक पहुंचा है। मधेपुरा के जिलाधिकारी (डीएम) अभिषेक रंजन के विशेष दिशा-निर्देश पर जिले में ‘जनजातीय गरिमा उत्सव-2026’ के तहत एक बेहद सराहनीय और प्रभावी अभियान चलाया गया। इसके तहत 18 मई से 24 मई तक जिले के 5 अलग-अलग प्रखंडों के 38 अनुसूचित जनजाति (ST) टोलों में विशेष शिविरों (कैंप) का आयोजन किया गया। सोमवार को इस राष्ट्रव्यापी आईईसी (IEC) अभियान के सफल समापन पर डीएम ने अधिकारियों के साथ डीब्रीफिंग बैठक कर समीक्षा की।
कहां-कहां लगाए गए विशेष शिविर?
प्रशासन द्वारा सुदूर ग्रामीण और पिछड़े इलाकों को टारगेट करते हुए कुल 38 आदिवासी टोलों को इस अभियान से जोड़ा गया। कैंपों का प्रखंडवार विवरण इस प्रकार है:
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मुरलीगंज प्रखंड: 18 टोले
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बिहारीगंज प्रखंड: 09 टोले
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ग्वालपाड़ा प्रखंड: 07 टोले
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कुमारखंड प्रखंड: 04 टोले
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चौसा प्रखंड: 01 टोला
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कुल जोड़: 38 आदिवासी टोले
7 दिवसीय विशेष कैंप की बड़ी उपलब्धियां
इस एक हफ्ते के अभियान के दौरान जिला प्रशासन ने न सिर्फ लोगों की समस्याएं सुनीं, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे उन तक पहुंचाया:
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शिकायतों का शत-प्रतिशत निवारण: कैंपों के दौरान विभिन्न सरकारी योजनाओं और समस्याओं से जुड़े कुल 153 आवेदन प्राप्त हुए, और सबसे खास बात यह रही कि प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए सभी 153 आवेदनों का मौके पर ही निष्पादन (निपटारा) कर दिया।
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महत्वपूर्ण दस्तावेजों का वितरण: मौके पर ही जांच कर जरूरतमंदों के बीच सरकारी कागजात बांटे गए, जिनमें शामिल हैं:
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आयुष्मान भारत कार्ड: 52
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मनरेगा जॉब कार्ड: 11
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सामाजिक सुरक्षा पेंशन: 41
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जाति प्रमाण-पत्र: 20
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जन्म प्रमाण-पत्र: 45
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बृहद स्वास्थ्य शिविर (Health Checkup): सभी 38 टोलों में स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से मेडिकल कैंप लगाए गए, जहां 750 से अधिक लोगों का मुफ्त हेल्थ चेकअप किया गया और डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें आवश्यक दवाइयां पूरी तरह निशुल्क वितरित की गईं।
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पर्यावरण संरक्षण व हरियाली: इस अभियान को पर्यावरण से जोड़ते हुए प्रत्येक ST टोले में प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय ग्रामीणों द्वारा मिलकर व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण (पौधारोपण) भी किया गया।
जनसुनवाई में आईं 8 शिकायतें; बुनियादी सुविधाओं की मांग
अभियान के दौरान 21 मई से 23 मई तक विशेष जनसुनवाई कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस दौरान 5 प्रखंडों से कुल 8 मुख्य शिकायतें/मांगें प्राप्त हुईं, जो मुख्य रूप से बिजली आपूर्ति, गली-नाली निर्माण, संपर्क सड़क और नए आंगनबाड़ी भवन की स्थापना से संबंधित थीं।
शिकायतें मुख्य रूप से इन क्षेत्रों से आईं:
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ग्वालपाड़ा प्रखंड की रेशना पंचायत के संथाल टोला से: 03 शिकायतें
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कुमारखंड प्रखंड के बिशनपुर बाजार से: 01 शिकायत
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बिशनपुर सुंदर से: 01 शिकायत
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मुरलीगंज प्रखंड के रजनी से: 01 शिकायत
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रामपुर से: 01 शिकायत
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तमौट परसा से: 01 शिकायत
लापरवाही बर्दाश्त नहीं, डीएम ने दिए सख्त निर्देश
जनसुनवाई में आई बुनियादी समस्याओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए डीएम अभिषेक रंजन ने सभी संबंधित विभागों को इन 8 आवेदनों की स्थलीय जांच कर त्वरित कार्रवाई करने का अल्टीमेटम दिया है।
इसके साथ ही उन्होंने जिला कल्याण पदाधिकारी और ब्लॉक वेलफेयर ऑफिसर (BWO) को कड़े लहजे में निर्देशित करते हुए कहा:
“सभी अधिकारी धरातल पर जाकर फॉलो-अप जारी रखें। इन टोलों से आई शिकायतों की प्रतिदिन मॉनिटरिंग (निगरानी) होनी चाहिए। महादलित और आदिवासी समाज के साथ जिला प्रशासन का जनसंपर्क किसी भी कीमत पर टूटना नहीं चाहिए। आने वाले समय में जनसुनवाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और मजबूत करें।”
(मधेपुरा, बिहार – गौरव कबीर)
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)
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