लखनऊ: एसटीएफ ने पकड़ा फास्टैग गिरोह

फर्जी फास्टैग से करोड़ों के राजस्व नुकसान का भंडाफोड़: UP STF ने लखनऊ से 2 शातिर अभियुक्तों को किया गिरफ्तार

विशेष अपराध एवं एसटीएफ ब्यूरो: लखनऊ

उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने राष्ट्रीय राजमार्गों और टोल प्लाजा पर फर्जी वाहन नंबरों का इस्तेमाल कर कूटरचित फास्टैग (Fastag) बनवाने वाले गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को लखनऊ से गिरफ्तार किया है। यह गिरोह ऑनलाइन चालान से बचने और टोल प्लाजा के जरिए सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व की क्षति पहुंचाने में शामिल था

एसटीएफ की टीम ने यह सफलता 22 जुलाई 2026 को दोपहर लगभग 12:20 बजे राजधानी लखनऊ के पॉलीटेक्निक चौराहा से हासिल की

गिरफ्तार अभियुक्तों की जानकारी

पकड़े गए दोनों आरोपी मूल रूप से सीतापुर जिले के रहने वाले हैं और बैंक के चैनल पार्टनर/एजेंट के रूप में कार्य कर रहे थे:

  1. अनन्त राम राठौर: पुत्र हीरालाल, निवासी ग्राम नेवादा बरूआ, थाना खैराबाद, जनपद सीतापुर

  2. नकीब खान: पुत्र नफीस खान, निवासी टकपुरवा, थाना खैराबाद, जनपद सीतापुर

बरामदगी: एसटीएफ ने अभियुक्तों के कब्जे से 02 मोबाइल फोन, 02 पैन कार्ड और ₹4,230 की नकदी बरामद की है

इस तरह किया जा रहा था फर्जीवाड़ा

थाना सरोजनी नगर (मु0अ0सं0 119/2026) में दर्ज मामले की विवेचना एसटीएफ के निरीक्षक प्रमोद कुमार वर्मा द्वारा की जा रही थी। पूछताछ के दौरान इस नेटवर्क की पूरी कार्यप्रणाली का खुलासा हुआ:

  • कूटरचित आरसी का प्रयोग: रियाज और उसके भाई सिराज ने अपने वाहनों (UP 34 T 9974 और UP 32 ZN 8925) के लिए फर्जी वाहन नंबर ‘MA 34 S 9455’ का उपयोग कर इंडसइंड बैंक का फास्टैग तैयार करवाया

  • पंचर की दुकान से शुरू हुआ नेटवर्क: नकीब खान खैराबाद टोल प्लाजा के पास पंचर की दुकान चलाता था, जहां वर्ष 2022 में अनन्त राम राठौर ने उसे इंडसइंड बैंक का फास्टैग एजेंट बनाया

  • मोटी रकम का लालच: जून 2024 में सिराज द्वारा दिए गए पैसों के लालच में आकर नकीब और अनन्त राम ने फर्जी आरसी व केवाईसी (KYC) दस्तावेज अपलोड कर फर्जी फास्टैग जारी किए। इसके बदले उन्हें प्रति फास्टैग ₹5,000 तक मिलते थे, जिसे दोनों आपस में बांट लेते थे

कोर्ट के आदेश पर भेजे गए जेल

अपर पुलिस अधीक्षक (STF) सत्यसेन के पर्यवेक्षण में गठित पुलिस टीम (उ०नि० वीरेन्द्र सिंह यादव, मु०आ० प्रभात कुमार, नीरज मिश्रा, विजेन्द्र नाथ राय, अमित यादव) ने मुखबिर की सूचना पर यह गिरफ्तारी की

दोनों आरोपियों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। मामले की अग्रिम कानूनी जांच जारी है

एसटीएफ व क्राइम ब्यूरो: लखनऊ

ऑल राइट्स मैगज़ीन (डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क)


बरेली से अमरजीत की रिपोर्ट

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)


बरेली: केशव प्रसाद मौर्य की समीक्षा!

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