बरेली वृद्धाश्रम में विधिक जागरूकता शिविर
बरेली / 22 म ई /आज अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन एवं सचिव श्रीमती जया प्रियदर्शिनी के आदेशानुसार लाल फाटक, बदायूं रोड बरेली स्थित वृद्धाश्रम में “वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार” The Rights Of The Senior Citizens विषयक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें पी एल वी/अधिकार मित्र सुधीर उपाध्याय एवं श्रीमती साधना कुमारी ने वृद्धाश्रम के अंतवासियों को उनके अधिकारों के संबंध में जानकारी देकर जागरूक किया।
कार्यक्रम में अधिकार मित्र सुधीर उपाध्याय ने माता – पिता और वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण तथा कल्याण अधिनियम – 2007 और उत्तर प्रदेश माता – पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण पोषण तथा कल्याण नियमावली – 2014 के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि यह अधिसूचना 24 फरवरी,2014 को जारी की गई। धारा 19 के अधीन स्थापित वृद्धाश्रमों के अंतवासियों का चयन अन्य बातें समान होने पर अधिक उम्र के नागरिकों को प्राथमिकता दी जाती है । निरक्षर और या अत्यधिक वरिष्ठ नागरिकों को बिना किसी औपचारिक आवेदन के प्रवेश दिया जा सकेगा यदि सक्षम प्राधिकारी का समाधान हो जाए।
सुधीर उपाध्याय ने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों की शिकायतो / समस्याओं का समाधान स्थानीय पुलिस द्वारा किया जाएगा। प्रत्येक पुलिस स्टेशन वरिष्ठ नागरिकों के विरुद्ध किए गए अपराधों से संबंधित अलग रजिस्टर रखेगा। वरिष्ठ नागरिकों के लिए कार्य कर रहे घरेलू नौकरों का पूर्ववृत्त तत्परता से सत्यापित किया जायेगा। उन्होंने वरिष्ठ नागरिक नीति के उद्देश्य बताते हुए कहा वरिष्ठ नागरिकों की उचित शारीरिक एवं मानसिक देखभाल, आर्थिक सुरक्षा, आवासीय सुविधा,समग्र कल्याण, आवश्यकताओं की पूर्ति, सक्रिय, सृजनात्मक,उत्पादक एवं संतोषप्रद जीवन जीने हेतु उचित अवसर एवं सुविधाएं देना उद्देश्य हैं।
उपाध्याय ने बताया कि नियमानुसार सेवानिवृत्त होने वाले वरिष्ठ नागरिकों को पेंशन ग्रेच्युटी आदि परिलाभों का भुगतान समयानुसार सुनिश्चित करना, सम्पन्न बच्चे होते हुए भी उपेक्षित अवस्था में जीवन यापन हेतु मजबूर माता – पिता, वरिष्ठ नागरिकों के लिए जागरुकता अभियान चलाये जाते हैं। उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करना, स्कूलों, कॉलेजों में 01 अक्टूबर को प्रतिवर्ष “दादा – दादी एवं नाना-नानी दिवस ” मनाया जाना आवश्यक है। वृद्धाश्रमों में मनोरंजन, पुस्तकालय, टीवी, समाचार पत्र – पत्रिकाओं व संगीत के अन्य उपकरण, दैनिक योग व शारीरिक व्यायाम की व्यवस्था करना आवश्यक है। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों में दो सीटें वरिष्ठ नागरिकों के लिए आरक्षित रखे जाने का नियम भी है।
अधिकार मित्र सुधीर उपाध्याय ने यह भी बताया कि वृद्धाश्रम किसी अंतवासी का निधन हो जाने की स्थिति में परिजनों को सूचित किया जाता है। चौबीस घंटे में यदि कोई नहीं आता है तो प्रबंधक द्वारा नियमानुसार मृतक के अंतिम संस्कार की भी व्यवस्था की जाती है।
विधिक जागरूकता शिविर में पी एल वी / अधिकार मित्र साधना कुमारी ने निशुल्क विधिक सहायता, प्री – लिटिगेशन,लोक अदालत संबंधित जानकारियां दीं। उन्होंने नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100, महिला हेल्पलाइन नंबर 181, पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112, साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930, महिला पुलिस हेल्पलाइन नंबर 181 और वरिष्ठ नागरिकों के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 14567 के संबंध में जानकारी देकर जागरूक किया। साधना कुमारी ने बताया कि दत्तक पुत्र/पुत्री द्वारा माता -पिता का भरण पोषण नहीं करने पर शिकायत कर सकते हैं। कानून में जुर्माना और सजा का प्रावधान है।
शिविर में जानकारी मे आया कि वृद्धाश्रम में सबसे वरिष्ठ नागरिक 109 वर्ष की श्रीमती जानकी देवी हैं, जो अपने सभी कार्य स्वयं करती हैं और योग भी नित्य प्रति करती हैं।
वृद्धाश्रम के प्रबंधक श्री एम एस यादव, श्रीमती कांता गंगवार, एवं श्रीमती रचना का पूर्ण सहयोग रहा।
बरेली से रोहिताश कुमार
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

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