डासना में 250 करोड़ की जमीन बची
गाजियाबाद: दिल्ली-मुरादाबाद हाईवे पर 250 करोड़ की सरकारी जमीन कब्जाने की साजिश नाकाम; डीएम रविंद्र कुमार ने खुद मौके पर पहुंचकर कराई मुनादी
गाजियाबाद/डासना:
दिल्ली-मुरादाबाद हाईवे पर नगर पंचायत डासना के अंतर्गत आने वाली करीब ढाई सौ करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी जमीन को भू-माफियाओं के चंगुल से बचाने में जिला प्रशासन ने बड़ी सफलता हासिल की है। जिलाधिकारी (DM) रविंद्र कुमार मांदड़ ने सोमवार को खुद भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। प्रशासन ने भू-माफियाओं के मंसूबों को नाकाम करते हुए जमीन पर सार्वजनिक मुनादी कराई और अवैध कब्जे के प्रयास को पूरी तरह विफल कर दिया।
🛑 राजस्व अभिलेखों में हेरफेर कर हड़पने की थी तैयारी
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि दिल्ली-मुरादाबाद हाईवे से सटी इस बेशकीमती ढाई सौ बीघा सरकारी जमीन पर भू-माफियाओं की नजर थी:
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फर्जी एंट्री का खेल: करीब दो महीने पहले जिला प्रशासन को एक शिकायत मिली थी, जिसमें बताया गया था कि कुछ रसूखदार लोग राजस्व अभिलेखों (सरकारी कागजातों) में फर्जी एंट्री और हेरफेर कराकर इस सरकारी जमीन को अपने नाम कराने और हड़पने की फिराक में हैं।
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जांच में खुली पोल: शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जब उच्च स्तरीय जांच कराई गई, तो यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया कि उक्त जमीन मूल रूप से सरकारी है और बीच के कालखंड में गलत व अवैध तरीके से कुछ लोगों के नाम इसमें दर्ज करा दिए गए थे।
📢 मौके पर पहुंचे डीएम; खरीद-फरोख्त करने वालों को सख्त चेतावनी
जमीन पर अवैध निर्माण और प्लॉटिंग की आशंका को देखते हुए जिलाधिकारी ने त्वरित एक्शन लिया:
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सार्वजनिक मुनादी: सोमवार को डासना स्थित मौके पर पहुंचकर प्रशासनिक टीम ने लाउडस्पीकर से सार्वजनिक मुनादी कराई, ताकि कोई भी आम नागरिक झांसे में न आए।
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कड़ी कार्रवाई की चेतावनी: डीएम ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि इस सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण पूरी तरह अवैध माना जाएगा। यदि कोई भी व्यक्ति इस जमीन की अवैध खरीद-फरोख्त (Platting or Sale) में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भू-माफिया अधिनियम और अन्य गंभीर धाराओं के तहत जेल भेजने की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
👮 सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात
असामाजिक तत्वों और भू-माफियाओं द्वारा दोबारा कब्जा करने की कोशिशों को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। विवादित जमीन और उसके आस-पास के पूरे हिस्से में पर्याप्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। इसके साथ ही राजस्व विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस जमीन के सरकारी रिकॉर्ड को पूरी तरह दुरुस्त कर इसकी घेराबंदी सुनिश्चित करें।
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
एडिटर (Allrights Magazine)

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