बरेली: श्री हरि मंदिर में श्रीराम कथा शुरू
बरेली: श्री हरि मंदिर में वाराणसी के पं. आशीष मिश्र की नौ दिवसीय श्रीराम कथा का शुभारंभ; प्रथम दिन बताया— ‘अभिमान ही पतन का कारण’
बरेली (उत्तर प्रदेश):
मॉडल टाउन स्थित प्रसिद्ध श्री हरि मंदिर में कृष्णीय धाम पीठाधीश्वर परम पूज्य सद्गुरु देव श्री गुरुशरणानंद जी महाराज के कृपा पात्र शिष्य एवं ब्रह्मलीन मानस रत्न डॉ. श्रीनाथ मिश्र जी के पौत्र, युवा ओजस्वी वक्ता पंडित श्री आशीष मिश्र (वाराणसी वाले) की नौ दिवसीय संगीतमय श्री राम कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। कथा के प्रथम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रभु की भक्ति का रसास्वादन किया।
🌸 महाराज जी का भव्य स्वागत और माल्यार्पण
कथा के प्रथम दिवस की शुरुआत मुख्य यजमानों और मंदिर प्रबंध समिति द्वारा की गई:
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समिति ने किया स्वागत: मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष सुशील अरोरा, सचिव रवि छाबड़ा, अन्य वरिष्ठ सदस्यों और महिला मंडल के पदाधिकारियों द्वारा महाराज जी का आदरपूर्वक माल्यार्पण कर एवं व्यास पीठ का पूजन कर कथा का विधि-विधान से प्रारंभ कराया गया।
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भक्तों का आमंत्रण: श्री हरि मंदिर सेवा ट्रस्ट समिति, कृष्णो परिवार एवं अखिल भारतीय श्री राधा संकीर्तन मंडल ने बरेली के समस्त रसिक जनों और श्रद्धालुओं को सपरिवार इस दिव्य कथा में शामिल होने का सादर आमंत्रण दिया है।
📜 प्रथम दिवस का प्रसंग: “उपलब्धियों को भगवान की कृपा मानना ही भक्त का लक्षण”
पंडित श्री आशीष मिश्र जी ने अपने ओजस्वी विचारों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करते हुए जीवन का एक अमूल्य सूत्र समझाया:
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सफलता और अभिमान का संबंध: महाराज जी ने कहा कि जब मानव के जीवन में सफलता या सम्मान आता है, तो वह अक्सर उसे अपनी व्यक्तिगत योग्यता और विशेषता का परिणाम मान बैठता है। यही सोच इंसान के भीतर ‘अभिमान’ (घमंड) को जन्म देती है, जो अंततः उसके पतन का मुख्य कारण बनता है।
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नारद जी का उदाहरण: रामचरितमानस का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि देवर्षि नारद जी से भी यही भूल हो गई थी। जब उन्होंने कामदेव को जीत लिया, तो उन्हें लगा कि यह उनकी खुद की तपस्या की विशेषता है। इस अभिमान के कारण अंत में उन्हें नीचा देखना पड़ा। यदि वह मान लेते कि यह सब प्रभु की कृपा से हुआ है, तो वह धन्य हो जाते।
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भक्त की सावधानी: एक सच्चा भक्त वही है जो जीवन की हर छोटी-बड़ी उपलब्धि को केवल भगवान की कृपा मानता है और प्रतिपल ईश्वर के प्रति कृतज्ञ रहता है।
⏰ 2 जुलाई तक प्रतिदिन शाम को सजेगी रसधार
मंदिर के सचिव रवि छाबड़ा ने बताया कि पिछले वर्ष की तरह इस बार भी बरेली वासियों को महाराज जी के मुखारविंद से कथा श्रवण का सौभाग्य मिला है:
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कथा की समय सारणी: यह नौ दिवसीय श्रीराम कथा 24 जून से शुरू होकर 2 जुलाई तक प्रत्येक दिन शाम 6:30 बजे से रात्रि 9:30 बजे तक अनवरत रूप से संचालित होगी।
कथा में उपस्थित सेवादार: आज के प्रथम दिवस की दिव्य कथा और व्यवस्थाओं में मुख्य रूप से सुशील अरोरा, रवि छाबड़ा, संजय आनंद, गोविंद तनेजा, रंजन कुमार, अनीता खनिजों व परिवार तथा मलिक बंधु सहित अनेक गणमान्य भक्त सेवा में उपस्थित रहे।
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
एडिटर (Allrights Magazine)

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