बरेली: करंट लगने से संविदाकर्मी की मौत
बरेली: बिजली विभाग की लापरवाही ने ली संविदाकर्मी की जान; शटडाउन के बिना खंभे पर चढ़ाया, वलीमा की खुशियां मातम में बदलीं
(बरेली): उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के बारादरी थाना क्षेत्र में बुधवार को बिजली विभाग की एक कथित और गंभीर लापरवाही ने एक संविदा कर्मचारी की जान ले ली। संजय नगर इलाके में बिजली का फाल्ट ठीक करने गए बेहद अनुभवी संविदा लाइनमैन मोहम्मद निजाम की करंट लगने और ऊंचाई से गिरने के कारण दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदयविदारक हादसे के बाद आक्रोशित परिजनों और साथी कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग शव को लेकर सीधे बारादरी थाने पहुंच गए और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
25 फीट की ऊंचाई से गिरे नीचे
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, बारादरी के काकर टोला निवासी 47 वर्षीय मोहम्मद निजाम पिछले करीब 25 वर्षों से बिजली विभाग में संविदा लाइनमैन के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनके परिवार में पत्नी नाजिमा और सात बच्चे हैं। बुधवार दोपहर संजय नगर इलाके में बिजली फाल्ट की शिकायत मिलने पर विभाग द्वारा उन्हें मरम्मत के लिए भेजा गया था।
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों और सहकर्मियों के अनुसार, मोहम्मद निजाम बिजली के खंभे पर चढ़कर लाइन ठीक कर रहे थे। इसी दौरान अचानक पूरी लाइन में हाई-वोल्टेज करंट दौड़ गया। करंट का तेज झटका लगते ही वह करीब 25 फीट की ऊंचाई से सीधे नीचे कंक्रीट की सड़क पर आ गिरे। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
“शटडाउन लिया होता तो पिता जिंदा होते” – मृतक का बेटा
मृतक लाइनमैन के बेटे रिजवान ने बिजली विभाग के अधिकारियों और पावर हाउस ऑपरेटर पर लापरवाही का सीधा आरोप लगाया है। रिजवान ने बताया:
“पावर हाउस से फोन आने के बाद ही मेरे पिता फाल्ट ठीक करने गए थे, लेकिन लाइन का आधिकारिक शटडाउन (सप्लाई बंद) नहीं लिया गया था। अगर समय रहते बिजली सप्लाई बंद कराई गई होती, तो यह हादसा कभी नहीं होता और मेरे पिता आज हमारे बीच जिंदा होते।”
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि हादसे के बाद विभाग के दो कर्मचारी मोहम्मद निजाम को गंगाशील अस्पताल में लावारिस हालत में छोड़कर भाग गए। उन्होंने परिवार को केवल इतनी झूठी सूचना दी कि उनका ‘एक्सीडेंट’ हो गया है। जब बदहवास परिजन अस्पताल पहुंचे, तब उन्हें मौत की असली सच्चाई पता चली।
शादी वाले घर में पसरा सन्नाटा
इस अप्रत्याशित हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियों को पलभर में उजाड़ दिया। मोहम्मद निजाम के सगे भतीजे की शादी मंगलवार को ही हुई थी और बुधवार को घर में दावत-ए-वलीमा (शादी का प्रीतिभोज) का जश्न होना था। मेहमानों की आवाजाही के बीच अचानक आई इस मनहूस खबर से घर की शहनाइयां और खुशियां मातम में बदल गईं।
घटना से आक्रोशित संविदा कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि विभाग अब अपनी गर्दन बचाने के लिए कागजों पर शटडाउन लेने का झूठा दावा पेश कर रहा है।
मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग; पुलिस जांच में जुटी
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है कि मोहम्मद निजाम ही सात बच्चों के इस पूरे परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य और सहारा थे। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि:
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पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता और मुआवजा दिया जाए।
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परिवार के एक सदस्य को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी सौंपी जाए।
पुलिस का बयान: बारादरी थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और कानून-व्यवस्था को नियंत्रण में लेते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों की लिखित तहरीर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। यदि जांच में बिजली विभाग की तकनीकी या प्रशासनिक लापरवाही साबित होती है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बरेली से रोहिताश
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

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