बिहार में करोड़पति इंजीनियर गोपाल कुमार पर ईओयू का छापा

करोड़पति इंजीनियर: 18 साल की नौकरी में खड़ा किया 10 करोड़ का साम्राज्य; ईओयू की छापेमारी में नोट गिनने की मंगवानी पड़ी मशीन


 बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। ईओयू की 50 सदस्यीय टीम ने ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता (एग्जीक्यूटिव इंजीनियर) गोपाल कुमार के जमुई और पटना स्थित चार अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की। महज 17-18 साल की सरकारी नौकरी में इंजीनियर ने अपनी वैध आय से 81.5 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित कर करीब 10 करोड़ रुपये का अकूत चल-अचल साम्राज्य खड़ा कर लिया था। छापेमारी के दौरान इंजीनियर के ठिकानों से इतना कैश मिला कि अधिकारियों को नोट गिनने के लिए मशीन मंगवानी पड़ गई।


मूल रूप से पूर्णिया के रहने वाले हैं गोपाल कुमार

इंजीनियर गोपाल कुमार मूल रूप से पूर्णिया जिले के बनमनखी के रहने वाले हैं। वर्ष 2008 में जब वे सरकारी सेवा में आए थे, तब उनके पास पैतृक संपत्ति के अलावा कुछ नहीं था। उनके पिता भी एक रिटायर्ड कर्मचारी हैं। लेकिन सरकारी सेवा में आते ही घूस और कमीशन की काली कमाई के दम पर उन्होंने पटना से लेकर कई बड़े शहरों में रियल एस्टेट का एक बड़ा नेटवर्क स्थापित कर लिया।

जब ईओयू की टीम उनके जमुई आवास पर पहुंची, तो रसूख के नशे में चूर इंजीनियर ने धौंस जमाते हुए अधिकारियों को ही हड़काना शुरू कर दिया और बिना वारंट घर में घुसने पर सवाल उठाए। हालांकि, अधिकारियों की कड़ाई के आगे उनकी एक न चली।

छापेमारी में कुबेर का खजाना: 48 लाख कैश और 60 लाख की ज्वेलरी

इंजीनियर के ठिकानों से जो दस्तावेज और सामग्रियां बरामद हुई हैं, उसने जांच अधिकारियों को भी चौंका दिया है:

  • कैश और गहने: तलाशी के दौरान कुल 48 लाख रुपये नकद (डिजिटल लॉकर से 40 लाख और जमुई से 8 लाख रुपये) बरामद हुए। इसके अलावा 60.47 लाख रुपये के सोने के गहने और 47 लाख रुपये की ज्वेलरी खरीद के पक्के कागजात मिले।

  • आलीशान मकान और फ्लैट्स: दानापुर बाजार समिति के पास 1.28 करोड़ रुपये की जमीन की रजिस्ट्री मिली, जिस पर वर्तमान में 1 करोड़ से अधिक की लागत से 4 मंजिला आलीशान मकान बन रहा है। इसके साथ ही पटना की मजिस्ट्रेट कॉलोनी में 40 लाख का फ्लैट और दानापुर की लक्ष्मी कटिंग में 80 लाख रुपये का एक फ्लैट बुक पाया गया।

  • मॉल में दुकानें: खगौल के जेबी मॉल में 426 वर्गफुट की 2 दुकानें खरीदी गई थीं, जिसके 70 लाख रुपये के सौदे में 30 लाख रुपये का भुगतान पहले ही किया जा चुका था।

  • लक्जरी गाड़ियां व बैंक खाते: पटना स्थित आवास से लक्जरी कारें और स्कूटी मिली है, जिसमें जमुई से बरामद हुई 19 लाख रुपये की क्रेटा कार मुख्य है (जो सुरेंद्र प्रसाद के नाम पर खरीदी गई है)। इसके अलावा तीन बैंक खातों में जमा 10 लाख रुपये को फ्रीज कर दिया गया है और एलआईसी (LIC) की 7 पॉलिसियों के कागजात मिले हैं, जिनमें हर साल 3.50 लाख रुपये का भारी-भरकम प्रीमियम भरा जाता था।

भास्कर इनसाइट: काली कमाई के 76 लाख शेयर मार्केट में लगाए; हर हफ्ते आता था ‘दूत’

ईओयू की इस कार्रवाई से इंजीनियर के एक बहुत बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है। जांच में पता चला है कि भ्रष्ट इंजीनियर गोपाल कुमार की काली कमाई का नेटवर्क सिर्फ पटना तक सीमित नहीं था। जांच टीम को उनके काले साम्राज्य के सबसे बड़े राजदार (दूत) का पता चला है, जिसकी तलाश में छापेमारी की जा रही है। यह दूत हर हफ्ते इंजीनियर के पास से 8 लाख रुपये का नगद कमीशन लेकर पटना आता था।

चौंकाने वाली बात यह है कि गोपाल कुमार केवल जमीन-मकान में ही नहीं, बल्कि शेयर बाजार के भी बड़े खिलाड़ी निकले। उन्होंने अपनी काली कमाई के 76 लाख रुपये सीधे शेयर मार्केट में निवेश कर रखे थे। इसके अतिरिक्त, ईओयू को अहम जानकारी मिली है कि इंजीनियर ने भारत-नेपाल सीमा पर भी कई कीमती जमीनें खरीदी हैं। फिलहाल टीम इसका भौतिक सत्यापन कर रही है और कई अन्य जिलों से भी भूखंड व फ्लैट्स के दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं।


गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर

(Allrights Magazine)


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