बरेली: पूर्व बैंक अफसर से रंगदारी

बरेली: सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी ने लगाया जमीन हड़पने व रंगदारी मांगने का आरोप; एसएसपी से न्याय की गुहार

बरेली: थाना इज्जतनगर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम कलारी की पैतृक भूमि को लेकर एक गंभीर विवाद सामने आया है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के एक सेवानिवृत्त (Retired) अधिकारी ने स्थानीय निवासी करामत अली नामक व्यक्ति पर उनकी पैतृक जमीन हड़पने की कोशिश करने, अधिकारियों से झूठी शिकायतें करने, अवैध रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने का संगीन आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर पीड़ित ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) बरेली को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय, सुरक्षा और कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई है।

4 वर्षों में अधिकारियों को दीं 50 से अधिक फर्जी शिकायतें

स्टेट बैंक ऑफिसर्स कॉलोनी के निवासी और पीड़ित पूर्व बैंक अधिकारी प्रदीप कुमार अग्रवाल ने एसएसपी को दी गई अपनी लिखित शिकायत में मामले का विस्तृत ब्योरा साझा किया है:

  • कूटरचित दस्तावेजों से कब्जे का प्रयास: पीड़ित प्रदीप कुमार का आरोप है कि आरोपी करामत अली उनकी ग्राम कलारी स्थित कीमती पैतृक भूमि पर बेईमानी की नीयत से और कथित तौर पर फर्जी व कूटरचित (Forged) दस्तावेज तैयार कर अवैध कब्जा जमाना चाहता है।

  • प्रशासन को गुमराह करने की साजिश: शिकायतकर्ता के अनुसार, पिछले चार वर्षों के दौरान आरोपी ने उन्हें मानसिक और प्रशासनिक रूप से प्रताड़ित करने के लिए जिलाधिकारी (DM), उपजिलाधिकारी (SDM) समेत विभिन्न उच्चाधिकारियों को 50 से अधिक झूठी व मनगढ़ंत शिकायतें भेजी हैं, ताकि प्रशासन को गुमराह किया जा सके।

₹20,000 की फर्जी रसीद और रंगदारी का आरोप

मामले की जड़ें काफी पुरानी बताई जा रही हैं। पीड़ित ने अपनी शिकायत में कुछ और गंभीर वित्तीय और आपराधिक पहलुओं को भी उजागर किया है:

  • वर्ष 1985 का पुराना विवाद: आरोप लगाया गया है कि वर्ष 1985 में महज ₹20,000 लेकर एक फर्जी रसीद तैयार की गई थी, जिसके आधार पर कोर्ट में मुकदमा दायर किया गया।

  • बायर्स से रंगदारी और धमकी: प्रदीप कुमार अग्रवाल का आरोप है कि उनकी आवासीय भूमि को खरीदने वाले अन्य लोगों से भी आरोपी द्वारा अवैध रंगदारी की मांग की जाती है। इसका विरोध करने पर उन्हें अंजाम भुगतने की धमकियां दी जाती हैं। हाल ही में करीब 25 लोगों की मौजूदगी में आरोपी ने पीड़ित को सरेआम धमकी दी।

पहले भी हो चुका है शांति भंग में चालान

प्रार्थना पत्र में इस बात का भी विशेष उल्लेख किया गया है कि आरोपी का आपराधिक या विवादित इतिहास रहा है। वर्ष 2024 में भी स्थानीय पुलिस ने आरोपी करामत अली का शांति भंग करने की आशंका के तहत चालान किया था।

बार-बार मिल रही धमकियों और विवाद की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित पूर्व बैंक अधिकारी ने एसएसपी बरेली से मामले की निष्पक्ष व गहन जांच कराने, दोषी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने तथा अपने व अपने परिवार के जान-माल की पुख्ता सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।


बरेली: अमरजीत
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
 (एडिटर (Allrights Magazine)

https://wp.me/p9lpiM-OB1मजदूरों के लिए नई मुआवज़ा नीति

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: