💥 खरगे ने BJP को घेरा: वंदे मातरम्
🗣️ शीतकालीन सत्र: मल्लिकार्जुन खरगे का BJP पर तीखा हमला – “जब आपके पुरखे मुस्लिम लीग के साथ थे, तब देशभक्ति कहां थी?”
संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान, राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ‘वंदे मातरम्’ और जवाहरलाल नेहरू पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आरोपों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जोरदार पलटवार किया है।
🇮🇳 ‘वंदे मातरम्’ पर पलटवार
मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मोदी के इस आरोप का खंडन किया कि “1937 में नेहरू जी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ने मूल ‘वंदे मातरम्’ गीत से महत्वपूर्ण पद हटा दिए थे।”
खरगे ने भाजपा को इतिहास पढ़ने की नसीहत देते हुए तीखा सवाल किया:
“लेकिन जब भाजपा के पुरखे श्यामा प्रसाद मुखर्जी, मुस्लिम लीग के साथ बंगाल में सरकार चला रहे थे, तब आपकी देशभक्ति कहां थी? भाजपा को अपना इतिहास पढ़ना चाहिए।”
📜 नेहरू-बोस पत्र व्यवहार पर गुमराह करने का आरोप
खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके आरोप तथ्यों से परे हैं।
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पीएम का आरोप: पीएम मोदी ने सुभाष चंद्र बोस जी को लेकर नेहरू जी की चिट्ठी का जिक्र करते हुए नेहरू पर हमला किया।
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खरगे का खंडन: खरगे ने सच्चाई बताई कि 16 अक्टूबर 1937 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर को पत्र लिखकर पूछा था कि कांग्रेस को ‘वंदे मातरम्’ पर क्या रुख अपनाना है। इसके अगले दिन, नेताजी ने नेहरू जी को पत्र लिखकर सुझाव दिया था कि उन्हें इस विषय पर गुरुदेव से व्यक्तिगत रूप से मिलना चाहिए।
⚔️ देशभक्ति पर सवाल
खरगे ने भाजपा/आरएसएस पर हमला करते हुए कहा:
“महात्मा गांधी जी ने जब 1921 में ‘असहयोग आंदोलन’ छेड़ा, तब लाखों कांग्रेस के कार्यकर्ता, स्वतंत्रता सेनानी- भारत माता की जय, महात्मा गांधी जी की जय का नारा लगाते हुए जेल जा रहे थे। जबकि उसी समय आपके (आरएसएस-भाजपा) लोग अंग्रेजों की नौकरी कर रहे थे। आज आप हमें देशभक्ति सिखा रहे हैं।”
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