जाब: विधायकों को अब एक ही पेंशन
पंजाब में बड़ा फैसला: अब विधायकों को सिर्फ एक बार मिलेगी पेंशन; ‘वन विधायक-वन पेंशन’ फॉर्मूला लागूचंडीगढ़: पंजाब सरकार ने प्रदेश के विधायकों की पेंशन व्यवस्था में एक ऐतिहासिक बदलाव किया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में सरकार ने निर्णय लिया है कि अब कोई भी विधायक कितनी भी बार चुनाव जीते, उसे केवल एक ही कार्यकाल की पेंशन दी जाएगी।क्यों लिया गया यह फैसला?इस बड़े बदलाव के पीछे मुख्य कारण सरकारी खजाने पर बढ़ते आर्थिक बोझ को कम करना है।पुरानी व्यवस्था: पहले विधायकों को उनके प्रत्येक कार्यकाल (Term) के लिए अलग-अलग पेंशन मिलती थी।आर्थिक बोझ: 5 से 11 बार चुनाव जीतने वाले नेता लाखों रुपये मासिक पेंशन के रूप में ले रहे थे, जिससे सरकार पर करोड़ों का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा था।नया नियम: अब “वन एमएलए-वन पेंशन” (One MLA-One Pension) व्यवस्था लागू कर दी गई है।पेंशन का गणित: कितना पड़ेगा फर्क?नई व्यवस्था लागू होने से पेंशन की राशि में भारी अंतर आएगा, जिसे नीचे दी गई तालिका से समझा जा सकता है:कार्यकाल की संख्यापुरानी व्यवस्था (अनुमानित पेंशन)नई व्यवस्था (निश्चित पेंशन)1 बार विधायक₹75,150₹75,1502 बार विधायक₹1,25,250₹75,1503 बार विधायक₹1,75,350₹75,1505 बार विधायक₹2,75,350+₹75,15011 बार विधायक₹5,76,150 तक₹75,150जनता और विशेषज्ञों की प्रतिक्रियासकारात्मक प्रभाव: इस फैसले से सरकारी खर्च में बड़ी कटौती होगी, जिसका लाभ आम जनता और टैक्सपेयर्स को मिल सकता है।पारदर्शिता: विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम आर्थिक समानता और पारदर्शिता को बढ़ावा देगा।नई मिसाल: माना जा रहा है कि पंजाब का यह मॉडल भविष्य में अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है।
