Jantar Mantar Protest demonstration : मोदी तेरी तानाशाही नहीं चलेगी, नहीं चलेगी
क्या सोचा था मोदी जी? डर जाएंगे? ये AAP के नेता हैं.. किसी से नहीं डरते। आपने अपनी पुलिस भेजकर एक पूर्व महिला CM @AtishiAAP
जी को जबरन हिरासत में ले लिया तो सोचा वो डर जाएंगी?
उन्होंने जाते-जाते भी आपकी तानाशाही को चुनौती दे दी।
मोदी तेरी तानाशाही नहीं चलेगी, नहीं चलेगी
इस घटना से जुड़ी दोनों प्रमुख राजनीतिक धाराओं के अपने-अपने दृष्टिकोण हैं:
-
आम आदमी पार्टी (AAP) का पक्ष: पार्टी का मानना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना और अपनी बात रखना हर नागरिक व जनप्रतिनिधि का संवैधानिक अधिकार है। पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई को पार्टी तानाशाही, राजनीतिक प्रतिशोध और विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास मानती है।
-
प्रशासन व भारतीय जनता पार्टी (BJP) का पक्ष: कानून प्रवर्तन एजेंसियों और सत्तारूढ़ पक्ष का कहना होता है कि कानून व्यवस्था (Law and Order) बनाए रखना और सुरक्षा नियमों का पालन कराना पुलिस का प्राथमिक कर्तव्य है। यदि बिना अनुमति के प्रदर्शन होता है या निषेधाज्ञा लागू होती है, तो प्रशासनिक नियमों के तहत ही निरोधात्मक कार्रवाई की जाती है।
लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति जताने और विरोध दर्ज कराने के अधिकार के साथ-साथ प्रशासनिक नियमों एवं कानूनी प्रक्रियाओं का पालन भी उतना ही महत्वपूर्ण माना जाता है।
