जालौन: 4 बंधुआ मजदूर मुक्त कराए गए

नरक जैसी जिंदगी, रोटी के बदले बेरहमी: जालौन पुलिस ने 4 बंधुआ मजदूरों को कालकोठरी से कराया मुक्त


(जालौन/बरेली): उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ के जगनेवा गांव में पुलिस ने एक घर में छापेमारी कर चार ऐसे मजदूरों को मुक्त कराया है, जो नरक से भी बदतर जिंदगी जीने को मजबूर थे। इन मजदूरों को न केवल बंधक बनाकर रखा गया था, बल्कि काम के नाम पर उनके साथ बेरहमी भी की जाती थी।


अपर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में बड़ी कार्रवाई

अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शनिवार रात ग्राम जगनेवा में एक संदिग्ध घर पर छापा मारा। पुलिस को सूचना मिली थी कि यहाँ कुछ लोगों को अवैध रूप से कैद कर रखा गया है।

  • ताला तोड़कर रेस्क्यू: पुलिस ने जब कमरे का ताला खुलवाया, तो अंदर का मंजर देखकर दंग रह गई। कमरे के भीतर चार मजदूर बेहद दयनीय स्थिति में मिले।

  • मानसिक रूप से कमजोर: प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ये चारों मजदूर मानसिक रूप से मंदित (mentally challenged) हैं, जिसका फायदा उठाकर आरोपियों ने उन्हें गुलाम बना रखा था।

मुख्य आरोपी गिरफ्तार, बेटा फरार

पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी (पिता) को गिरफ्तार कर लिया है।

  • मुकदमा दर्ज: आरोपियों के खिलाफ बंधुआ मजदूरी और प्रताड़ना की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

  • फरार आरोपी: मुख्य आरोपी का बेटा फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर है, जिसकी तलाश में दबिश दी जा रही है।

  • बरामदगी: मौके से पुलिस ने कपड़ों से भरे 11 बैग भी बरामद किए हैं, जो संभवतः मजदूरों के थे या उनसे जुड़े किसी अन्य अवैध कार्य के संकेत देते हैं।

पेट भरने को रोटी और काम के नाम पर जुल्म

मुक्त कराए गए मजदूरों की हालत देखकर यह साफ है कि उन्हें केवल जिंदा रहने लायक खाना दिया जाता था और बदले में उनसे कड़ी मेहनत कराई जाती थी। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन मजदूरों को कहाँ से लाया गया था और यह नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था।

जिला प्रशासन ने मुक्त कराए गए मजदूरों के पुनर्वास और चिकित्सा उपचार के निर्देश दिए हैं।


गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर

  (Allrights Magazine)


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