India Thailand Bilateral Ties: थाईलैंड सीनेट अध्यक्ष मोंगकोल सुरासज्जा की भारत यात्रा; व्यापार, रक्षा, आयुर्वेद और ब्रिक्स फ्रेमवर्क पर बनी सहमति
“संसदीय सहयोग से व्यापार और आयुर्वेद तक: भारत-थाइलैंड संबंधों को नई उड़ान; राज्यसभा उपसभापति और थाईलैंड सीनेट अध्यक्ष के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता”
विशेष अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक रिपोर्ट (ऑल RIGHTs मैगजीन)
नई दिल्ली: भारत और थाईलैंड के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक प्रगति हुई है। थाईलैंड की सीनेट के अध्यक्ष मोंगकोल सुरासज्जा (H.E. Mr. Mongkol Surasajja) के भारत दौरे के दौरान दोनों देशों के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के बीच द्विपक्षीय बैठक संपन्न हुई।
इस दौरान भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ (Act East Policy) के तहत व्यापार, रक्षा, पर्यटन, शिक्षा और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों (आयुर्वेद एवं योग) में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।
1. वार्ता के मुख्य बिंदु: व्यापार, पर्यटन और ‘एक्ट ईस्ट’ को नई दिशा
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सांस्कृतिक और सभ्यतागत जुड़ाव: बैठक में दोनों देशों ने ऐतिहासिक, बौद्ध धर्म आधारित और आध्यात्मिक संबंधों को याद करते हुए आपसी साझेदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।
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रणनीतिक एवं आर्थिक सहयोग: वार्ता के दौरान व्यापार (Trade), पर्यटन (Tourism), रक्षा (Defence) और शिक्षा (Education) के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को विस्तार देने पर सहमति बनी। इसके साथ ही, भारतीय योग और आयुर्वेद (Ayurveda) को थाईलैंड में बढ़ावा देने और स्वास्थ्य-पर्यटन (Wellness Tourism) को मजबूती देने पर चर्चा हुई।
2. संसदीय सहयोग, आपदा प्रबंधन और BRICS फ्रेमवर्क
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संसदीय प्रक्रियाओं का आदान-प्रदान: दोनों देशों के शीर्ष संसदीय प्रतिनिधियों ने लोकतांत्रिक संस्थाओं को सशक्त बनाने, सर्वोत्तम विधायी प्रथाओं (Best Practices) को साझा करने और संसदीय प्रतिनिधिमंडलों के नियमित आदान-प्रदान पर सहमति व्यक्त की।
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वैश्विक सुरक्षा और BRICS मंच: वैश्विक और क्षेत्रीय स्तर पर आतंकवाद विरोध (Counterterrorism), आपदा प्रबंधन (Disaster Management) और अंतरराष्ट्रीय मामलों में समन्वय बढ़ाने पर विचार-विमर्श हुआ। ब्रिक्स (BRICS) फ्रेमवर्क के तहत वैश्विक प्राथमिकताओं और जन-कल्याण के मुद्दों पर मिलकर काम करने की रणनीतियों पर विशेष बल दिया गया।
‘ऑल RIGHTs मैगजीन’ का दृष्टिकोण: आसियान क्षेत्र में भारत की बढ़ती कूटनीतिक धमक
दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों (ASEAN) के साथ भारत का संबंध केवल व्यापारिक नहीं, बल्कि गहरा सांस्कृतिक भी है। थाईलैंड के सीनेट अध्यक्ष की यह यात्रा भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ और ‘इंडो-पैसिफिक विजन’ को नई ऊर्जा प्रदान करेगी। द्विपक्षीय सहयोग बढ़ने से न केवल दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को लाभ होगा, बल्कि क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा भी मजबूत होगी।
‘ऑल RIGHTs मैगजीन’ अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, विदेश नीति और वैश्विक रणनीतिक संबंधों से जुड़ी हर खबर को पूरी प्रमाणिकता और निष्पक्षता के साथ अपने पाठकों तक पहुँचाती है।
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