बिजनौर में इलेक्ट्रिक वाहनों की भारी मांग
बिजनौर में इलेक्ट्रिक वाहनों का दबदबा: पेट्रोल-डीजल की कारें तुरंत हाजिर, लेकिन EV के लिए ढाई महीने की लंबी वेटिंग
(बिजनौर): उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में इन दिनों ऑटोमोबाइल बाजार की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। लगातार बढ़ते पेट्रोल और डीजल के दामों से परेशान होकर अब आम आदमी से लेकर खास तक, सभी की पहली पसंद इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बनते जा रहे हैं [cite: बिजनौर में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग तेजी से बढ़ रही है, जहां पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के कारण लोग इन्हें पसंद कर रहे हैं।, बढ़ते पेट्रोल दाम, कम खर्च के कारण लोग आकर्षित।]। स्थिति यह हो गई है कि जिले के शहरी इलाकों के साथ-साथ अब गांव और देहात में भी इलेक्ट्रिक वाहनों का क्रेज सिर चढ़कर बोल रहा है [cite: जागरण संवाददाता, बिजनौर। गांव और देहात में इलेक्ट्रिक वाहन पहली पसंद बनते जा रहे हैं।]।
बाजार की मौजूदा स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जहां शोरूम्स पर पेट्रोल और डीजल से चलने वाली कारें आसानी से तुरंत डिलीवरी के लिए उपलब्ध हैं, वहीं बड़ी कंपनियों की इलेक्ट्रिक कारों को खरीदने के लिए ग्राहकों को ढाई महीने (75 दिन) तक की लंबी वेटिंग का सामना करना पड़ रहा है [cite: इलेक्ट्रिक कारों की डिलीवरी के लिए ढाई माह की वेटिंग।, हाल ये है कि पेट्रोल और डीजल की कार एजेंसी पर आसानी से उपलब्ध हैं लेकिन इलेक्ट्रिक कारों पर ढाई महीने तक की वेटिंग है।]।
हर 10 में से 3 दोपहिया वाहन अब इलेक्ट्रिक
बिजनौर की सड़कों पर अब साइलेंट और ईको-फ्रेंडली वाहनों का दबदबा साफ देखा जा सकता है:
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बिक्री में रिकॉर्ड उछाल: बिजनौर में इलेक्ट्रिक वाहन पिछले करीब एक दशक से बिक रहे हैं, लेकिन बीते २ से ३ वर्षों में इनकी मांग और बिक्री में एक अभूतपूर्व तेजी दर्ज की गई है [cite: इलेक्ट्रिक वाहन जिले में वैसे तो एक दशक से अधिक समय से बिक रहे हैं लेकिन बीते दो तीन वर्ष से इनकी बिक्री में तेजी से वृद्धि हुई है।]।
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सड़कों पर बदला नजारा: आज जिले की सड़कों पर हर १० दोपहिया वाहनों (बाइक या स्कूटी) में से कम से कम ३ वाहन इलेक्ट्रिक दौड़ते हुए नजर आ रहे हैं।
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ब्रांड्स की भरमार: बाजार में जहां देश की जानी-मानी बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियों की इलेक्ट्रिक स्कूटियों की भारी डिमांड है, वहीं स्थानीय ‘विदुर’ जैसे ब्रांड्स की स्कूटी भी ग्राहकों द्वारा हाथों-हाथ खरीदी जा रही हैं।
क्यों हो रहा है ईवी (EV) की तरफ झुकाव?
स्थानीय ऑटो डीलर्स और विशेषज्ञों के अनुसार, ग्राहकों की पसंद बदलने के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण हैं:
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महंगे पेट्रोल से छुटकारा: पेट्रोल की कीमतें लगातार जेब पर भारी पड़ रही हैं, जिसके मुकाबले इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने का खर्च बेहद मामूली आता है।
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लो-मेंटेनेंस और लंबी बचत: पारंपरिक इंजन वाले वाहनों की तुलना में इलेक्ट्रिक गाड़ियों में सर्विसिंग और इंजन ऑयल बदलने का झंझट नहीं होता, जिससे लंबी अवधि में ग्राहकों की मोटी बचत हो रही है।
ढाई महीने की वेटिंग पीरियड के बावजूद लोग एडवांस बुकिंग कराकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं, जो यह साफ दर्शाता है कि बिजनौर अब पूरी तरह से ग्रीन और डिजिटल मोबिलिटी के नए युग में कदम रख चुका है।
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
एडिटर (Allrights Magazine)

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