हाई-लेवल मीटिंग, लापरवाह अधिकारियों को दी चेतावनी!
शेखपुरा में पंचायती राज योजनाओं की समीक्षा: ढिलाई पर मंत्री दीपक प्रकाश की कड़ी चेतावनी, अमानक सोलर लाइटों पर गिरेगी गाज
विशेष रिपोर्ट (उमेश कुमार), शेखपुरा: बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री श्री दीपक प्रकाश ने शनिवार को समाहरणालय स्थित ‘मंथन सभागार’ में जिले की विकास योजनाओं की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान मंत्री ने साफ कर दिया कि ग्रामीण विकास के कार्यों में किसी भी स्तर पर सुस्ती या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को सभी काम तय समय-सीमा के भीतर और पूरी गुणवत्ता के साथ पूरे करने के कड़े निर्देश दिए।
बैठक की शुरुआत में उप विकास आयुक्त (DDC) ने माननीय मंत्री को पौधा भेंट कर उनका स्वागत किया।
🏛️ 1. पंचायत सरकार भवन: डिजिटल सेवाओं पर जोर
जिले की 49 पंचायतों में से 26 भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है, जिनमें से 19 का लोकार्पण और 22 का हस्तांतरण ग्राम पंचायतों को कर दिया गया है।
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ताजा अपडेट: चेवाड़ा की सियानी पंचायत का हस्तांतरण 10 जुलाई को और बरबीघा की पाक पंचायत भवन का हस्तांतरण 9 जुलाई को संपन्न हुआ।
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डिजिटल कनेक्टिविटी: वर्तमान में 22 भवनों में बिजली कनेक्शन के साथ डेटा एंट्री ऑपरेटर (DEO) काम कर रहे हैं। इसके अलावा, 14 ऑपरेटरों को आम जनता की सुविधा के लिए आधार सेवाओं (Aadhaar Services) के पोर्टल पर पंजीकृत किया जा चुका है।
💡 2. सोलर स्ट्रीट लाइट योजना: लापरवाही पर 72 घंटे का अल्टीमेटम
मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के तहत एजेंसियों के काम की समीक्षा की गई:
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E-Sharp Solar और Lord’s Mark कंपनियों ने अपने आवंटित लक्ष्य (960-960 लाइटें) का 100% काम पूरा कर लिया है।
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Naw Dharam Energy कंपनी ने 2770 के मुकाबले केवल 2710 लाइटें ही लगाई हैं।
मंत्री ने खराब और घटिया क्वालिटी की लाइटों पर लगी पेनाल्टी की जांच की और सख्त हिदायत दी कि जो भी लाइटें 72 घंटे से अधिक समय से खराब हैं, उन्हें तुरंत ठीक या रिप्लेस किया जाए।
🪵 3. भूमि चिन्हांकन और मोक्षधाम: इन ब्लॉक की स्थिति ‘शून्य’
जिले की 49 पंचायतों में से केवल 11 को ही विभागीय स्वीकृति मिली है। 32 पंचायतों में अंचलाधिकारी (CO) द्वारा नई जमीन चिन्हित की गई है। हालांकि, अरियरी के डीहा व कसार और बरबीघा के कुटौत व सर्वा में अभी जमीन चिन्हित होना बाकी है।
मोक्षधाम (शमशान घाट) निर्माण की सुस्त रफ्तार पर मंत्री ने भारी नाराजगी जताई:
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अरियरी: 13 में से केवल 8 मोक्षधाम क्रियाशील।
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शेखोपुरसराय: 12 में से 9 क्रियाशील।
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चेवाड़ा, बरबीघा, घाटकुसुम्भा और शेखपुरा: इन चारों ब्लॉकों में प्रगति पूरी तरह शून्य पाई गई, जिस पर मंत्री ने सीओ से समन्वय बनाकर जल्द जमीन हस्तांतरण का आदेश दिया।
📊 4. वित्तीय प्रगति: शेखोपुरसराय और चेवाड़ा रहे ‘टॉपर’
15वें वित्त आयोग और छठे राज्य वित्त आयोग के तहत खर्च और काम का लेखा-जोखा इस प्रकार रहा:
| विभाग/निकाय | योजनाएं पूर्ण (%) | कुल खर्च (%) |
| जिला परिषद | 93% | 61% |
| पंचायत समितियां | — | 46% |
| ग्राम पंचायत (15वां वित्त) | 90.44% | 25.17% |
| ग्राम पंचायत (6ठा राज्य वित्त) | 90.41% | 77.97% |
नोट: पूरे जिले में वित्तीय और विकास कार्यों के मामले में शेखोपुरसराय और चेवाड़ा प्रखंड का प्रदर्शन सबसे शानदार रहा।
📢 मंत्री के 5 कड़े निर्देश
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शुचिता और क्वालिटी: गुणवत्ता जांच प्रयोगशाला (Quality Lab) की रिपोर्ट के आधार पर ही निर्माण कार्य पास होंगे।
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फिल्ड विजिट: अधिकारी सिर्फ दफ्तर में न बैठें, जमीनी स्तर पर योजनाओं का निरीक्षण करें।
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सर्टिफिकेट: समय पर उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC) विभाग को भेजें।
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सहयोग शिविर: जनता के लंबित आवेदनों का तेजी से और सही निपटारा करें।
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कल्याणकारी योजना: कबीर अंत्येष्टि अनुदान योजना का लाभ तुरंत योग्य लाभार्थियों को मिलना सुनिश्चित हो।
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला पंचायत राज पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता, सभी बीडीओ (BDO), बीपीआरओ (BPRO) सहित जिले के तमाम आला अधिकारी मौजूद थे।
रिपोर्ट: उमेश कुमार,शेखपुरा(बिहार)
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
(एडिटर (Allrights Magazine)

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