बरेली: अव्यवस्था की भेंट चढ़ीं जानें
‘स्मार्ट सिटी’ बरेली में आम जनता की जान की कोई कीमत नहीं? 3 हादसों ने खोली प्रशासनिक दावों की पोल!
बरेली: कहने को बरेली ‘स्मार्ट सिटी’ की फेहरिस्त में शामिल है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि यहाँ अब आम इंसान की जान की जैसे कोई कीमत ही नहीं बची है। पिछले कुछ दिनों में स्वास्थ्य विभाग से लेकर नगर निगम और निर्माण विभागों की लापरवाही के ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। जनता पूछ रही है कि आखिर इन प्रशासनिक अव्यवस्थाओं का जिम्मेदार कौन है?
1. जिला अस्पताल में मासूम ने तोड़ा दम, बिलखती मां ने कहा- “नहीं मिला सही इलाज”
स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली का इससे बड़ा सबूत क्या होगा कि इलाज की आस में जिला अस्पताल पहुंचे एक मासूम बच्चे ने स्ट्रेचर पर ही दम तोड़ दिया। मृतक बच्चे की बेबस मां का रो-रोकर बुरा हाल है। मां का सीधा आरोप है कि अगर डॉक्टरों और स्टाफ ने समय पर सही इलाज दे दिया होता, तो उनका लाल आज जिंदा होता। सरकारी दावों के विपरीत, अस्पताल की इस संवेदनहीनता ने विभाग पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
2. निर्माणाधीन स्काईवॉक बना ‘डेथ ट्रैप’, गिरकर शख्स की मौत
शहर को आधुनिक दिखाने की होड़ में सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। बरेली में बन रहे स्काईवॉक से गिरकर एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई। सवाल यह उठता है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं थे? क्या कार्यदायी संस्था और ठेकेदारों पर इस जानलेवा लापरवाही के लिए सख्त कार्रवाई होगी या मामले को रफा-दफा कर दिया जाएगा?
3. जलभराव ने बढ़ाई आफत, सड़क पर गिरे बुजुर्ग, आई गंभीर चोटें
बारिश के बाद नगर निगम के ड्रेनेज सिस्टम की पोल खुल गई है। शहर की सड़कें तालाब में तब्दील हो चुकी हैं। इसी जलभराव के कारण सड़क पर गड्ढा न दिखने की वजह से एक बुजुर्ग बुरी तरह गिरकर घायल हो गए। उन्हें गंभीर चोटें आई हैं। टैक्स वसूलने वाला नगर निगम क्या सिर्फ कागजों पर ही नालों की सफाई करता है?
बड़ा सवाल: मासूम की मौत, स्काईवॉक हादसा और सड़कों पर जानलेवा जलभराव… क्या इन सभी घटनाओं के बाद भी कोई अधिकारी जिम्मेदारी लेगा? बरेली की जनता आज इन अव्यवस्थाओं के खिलाफ जवाब मांग रही है।
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक) (एडिटर (Allrights Magazine)
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